बच्चों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं हो, बुखार के लक्षणों पर भी नजर बनाये रखें डॉक्टर: सीएम नीतीश

पटना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बच्चों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं हो. बच्चों में वायरल बुखार को लेकर अलर्ट और एक्टिव रहें. वायरल बुखार के लक्षणों पर भी नजर बनाये रखें. अस्पतालों में दवा की पर्याप्त उपलब्धता हो. वायरल बुखार को लेकर विभाग द्वारा उठाये जा रहे कदमों के संबंध में मीडिया के माध्यम से लोगों को जानकारी दें.

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोरोना जांच की संख्या और बढ़ाएं. इसे प्रतिदिन दो लाख तक ले जाएं. टीकाकरण कोरोना से बचाव का कारगर उपाय है. इसके साथ ही कोरोना की जांच भी उतना ही महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री ने ये बातें शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहीं.

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कोरोना जांच, टीकाकरण और बच्चों में फैल रहे वायरल बुखार से बचाव को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिये. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जिनका टीकाकरण बचा हुआ है, उनका जल्द-से-जल्द टीकाकरण कराएं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण का काम तेजी से पूरा करें.

उन्होंने कहा कि खासकर मुबई, केरल और तमिलनाडु से आने वालों की कोरोना जांच अवश्य कराएं. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बाहर से आने वालों पर विशेष नजर रखें. इन जगहों पर कोरोना जांच की व्यवस्था रखें. लोग मास्क का प्रयोग जरूर करें. यह कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ-साथ अन्य वायरल बीमारियों से बचाव में भी उपयोगी है. माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लोगों को सचेत और जागरूक करते रहें.

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार व चंचल कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार झा, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह, अपर सचिव स्वास्थ्य कौशल किशोर और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे.

इससे पहले मुख्यमंत्री के सामने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेजेंटेशन देकर बच्चों में वायरल बुखार से बचाव को लेकर उठाये जा रहे कदमों की जानकारी दी. साथ ही कोरोना संक्रमण की ताजा स्थिति, कोरोना जांच और वैक्सीनेशन के संबंध में विस्तार से बताया.

उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और जिला अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों और उनके इलाज के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सभी अस्पतालों में दवा की उपलब्धता पर्याप्त है. वायरल बुखार को लेकर विभाग पूरी तरह से एक्टिव है. उसकी सघन मॉनीटरिंग की जा रही है. वायरल बुखार को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत प्रत्यय अमृत ने बताया कि कोरोना वैक्सीनेशन का काम शहरी क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिशत हो गया है. अगर कोई बचा हुआ है, तो उनका टीकाकरण भी जल्द-से-जल्द करा लिया जायेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीकाकरण कार्य तेजी से चल रहा है.

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