कोरोना वैक्सीन लेने के बावजूद डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होने का खतरा 8 गुना ज्यादा: स्टडी

नई दिल्ली
 कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट कोरोना वैक्सीन ले चुके व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। नेचर जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में कहा गया है कि डेल्टा वेरिएंट B.1.617.2 में वैक्सीन से बनी इम्युनिटी को भेदने को क्षमता पुराने वेरिएंट से आठ गुना ज्यादा है। शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस से डेल्टा संस्करण उन लोगों के फिर से संक्रमित करने की छह गुना अधिक संभावना है जो कोविड-19 से उबर चुके हैं।
 
शोधकर्ताओं का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट के पास इम्यून रेस्पांस को चकमा देने की क्षमता कोरोना के अन्य वेरिएंट के मुकाबले कहीं ज्यादा (करीब 8 गुना) है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि डेल्टा वेरिएंट ऐस्ट्राजेनेका और फाइजर वैक्सीन से पैदा हुए इम्यून रेस्पांस को मूल कोरोना वायरस के मुकाबले चकमा देने की क्षमता 8 गुना है। पहले संक्रमित हो चुके लोगों के डेल्टा वेरिएंट से दोबारा संक्रमित होने की संभावना 6 गुना है।

शोधधकर्ताओं ने दिल्ली स्थित तीन अस्पतालों के 9 हजार स्वास्थ्य कर्मियों में ब्रेक थ्रू इंफेक्शन का अध्ययन किया है, जो पूर्ण टीकाकरण करवाने के बाद भी संक्रमित हुए। इन कर्मियों में 218 ऐसे थे, जिनमें कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी ब्रेक थ्रू इंफेक्शन में संक्रमण के लक्षण थे। जिसमें डेल्टा वेरिएंट के कहीं ज्यादा संक्रामक होने और वैक्सीन के इस पर असर ना होने की बात सामने आई।

डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले कई देशों में मिल चुके हैं और इसके फैलने की गति काफी ज्यादा है। कई देश तीसरी लहर के पीछे डेल्टा वेरिएंट को ही मान रहे हैं। ऐसे में इस वेरिएंट को लेकर चिंताएं हैं। वहीं इस पर वैक्सीन के कम असर की बात शोध में सामने आने के बाद ये चिंताएं और बढ़ गई हैं।

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