अहमद मसूद शांति वार्ता के लिए हुए तैयार, पंजशीर के लिए तालिबान के सामने रखी यह शर्त

नई दिल्ली
अफगानिस्तान में नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (एनआरएफए) के नेता अहमद मसूद ने कहा कि अगर विद्रोही पंजशीर और अंदराब से सेना वापस ले लेंगे तो वह शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। अहमद मसूद का यह बयान लड़ाई खत्म करने के लिए धार्मिक विद्वानों की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर आया है। दरअल, अफगानिस्तान में पंजशीर का इलाका अभी भी तालिबानियों के कब्जे के दूर है। राजधानी काबुल पर कब्जा करने के बाद भी लड़ाके अभी तक पंजशीर पर कब्जा नहीं जमा पाए हैं। पंजशीर में तालिबान का जोरदार विरोध भी हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अहमद मसूद ने कहा है कि नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट धर्म और नैतिकता के सिद्धांतों के अनुसार तालिबान के साथ मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने के लिए प्रतिबद्ध है, और उसे विश्वास है कि देश की भविष्य की व्यवस्था तालिबान और अफगान लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य समूहों और संप्रदायों के साथ काम करेगी। मसूद का यह बयान तब आया है जब तालिबान ने रविवार  को दावा किया कि उसके लड़ाके पंजशीर के सभी जिला कार्यालयों और पुलिस मुख्यालयों पर कब्जा जमा चुके हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक पंजशीर वैली में तालिबान के खिलाफ विद्रोह की आवाज बुलंद करने वाले अहमद मसूद ने शनिवार को कहा कि तालिबान के खिलाफ विरोध नहीं रुकेगा। अहमद मसूद ने कहा कि वो भगवान, न्याय और आजादी के लिए कभी भी अपना विरोध नही रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजशीर का विरोध और अफगानिस्ता में महिलाओं द्वारा अधिकारों को लेकर हो रहा प्रदर्शन इस बात की ओर इशारा करता है कि अफगानी कभी भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हार नहीं मानेंगे। 

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