दक्षिण चीन सागर में भीषण युद्ध का खतरा, चीन ने लागू किया विवादित समुद्री कानून
बीजिंग
साउथ चायना सी में विवाद काफी बढ़ गया है और माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में साउथ चायना सी में भारी लड़ाई हो सकती है। इसकी वजह है चीन द्वारा नये समुद्री कानून को लागू कर देना। चीन ने साउथ चायना सी में जिस कानून को लागू किया है, वो अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून का पूरी तरह से उल्लंघन करता है। चीन के नये कानून को नहीं मानने वाले जहाजों को उड़ा दिया जाएगा। SUV खरीदने का आपके लिए बेहतरीन मौका यहां क्लिक करें चीन का नया समुद्री कानून चीन ने बुधवार को समुद्री यातायात सुरक्षा कानून लागू कर दिया है। इससे चीन की समुद्री सीमा में प्रवेश करने वाले विदेशी जहाजों को अब चीनी अधिकारियों को अपनी मौजूदगी की जानकारी निश्चित तौर पर देनी होगी। चीन के समुद्री क्षेत्र में जो जहाज बगैर इजाजत दाखिल होंगे, चीन के अधिकारियों को जहाज को लेकर हर एक जानकारी नहीं देंगे, तो फिर उस जहाज तो चीन उड़ा देगा। चीन के इस कानून के बाद बवाल मचना इसलिए तय माना जा रहा है, क्योंकि चीन 90 प्रतिशत से ज्यादा साउथ चायना सी को अपना हिस्सा मानता है, जबकि उसपर ताइवान, मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्रूनेई का भी हिस्सा है, जिसे मानने से चीन इनकार करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का ये कदम 'टाइम बम' की तरह साबित हो सकता है। क्योंकि इससे दक्षिण चीन सागर, जिसे साउथ चायना सी भी कहा जाता है, उससे गुजरने वाले विदेशी मालवाहक जहाजों के लिए काफी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत साउथ चायना सी के एक ही हिस्से पर चीन का हक है, जिसे चीन खारिज करता है, लिहाजा नये कानून के बाद दूसरे देशों के साथ चीन के संघर्ष काफी ज्यादा बढ़ जाएंगे। अगर चीन हठधर्मिता दिखाता है, तो साउथ चायना सी में चीन की जबरदस्ती युद्ध का रूप भी ले सकता है। चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने समुद्री सुरक्षा से संबंधित कानून में अप्रैल महीने में संशोधन किया था। इस संशोधन में समुद्री सीमा के भीतर की गतिविधियों को तय किया गया है। इसके तहत अगर चीन किसी जहाज को अपने लिए खतरा मानता है, तो वह उसकी समुद्री यात्रा पर रोक लगा सकता है या उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
