निजी विश्वविद्यालय रिसर्च को प्रोत्साहित करें : उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव

भोपाल

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के पीछे परिकल्पना यह है कि अपने संसाधनों से श्रेष्ठता सिद्ध करें, अन्य संस्थान उन्हें फॉलो करेंगे। निजी विश्वविद्यालय रिसर्च को भी प्रोत्साहित करें। मंत्री डॉ. यादव ने आज आरकेडीएफ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण परिचर्चा को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि नए प्रयोग करने में कई बार कठिनाई आती हैं। बहुत सी परेशानियाँ भी आती है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कर्म योग को आगे बढ़ाया। उनका मानना था कि समूची मानवता की सेवा करते हुए ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता हैं, यही सच्चा कर्म योग है।

मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह ने कहा कि प्रकृति हमें दोहन की अनुमति तो देती है लेकिन शोषण की नहीं। हम पेड़-पौधों को अपने परिवार का अंग मांगते थे, बाग-बगीचे हमारे मांगलिक कार्य में शामिल थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह प्रवृत्ति समाप्त होती जा रही है।

इस अवसर पर पर्यावरणविद अशोक पांडे ने कहा कि पर्यावरण के प्रति आस्था और आग्रह हमारी जीवन शैली का अंग रहा है। पर्यावरण संरक्षण हमारे जीवन का भाग था। हमारा जीवन पूरी सृष्टि को समग्रता के साथ देखता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसा हुआ कि हमें पर्यावरण की चिंता सताने लगी, हमें इस पर विचार करना चाहिए।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पर्यावरण संरक्षण समिति के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने आगामी 10 वर्ष तक पर्यावरणीय संतुलन के लिए कार्य करने का निश्चय किया है। उन्होंने कहा कि जन, जंगल, जमीन, जानवर और जल को मिलाकर पर्यावरण बनता है। सभी से पर्यावरण संरक्षण का आव्हान करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण को देखने का दृष्टिकोण बदलना चाहिए। साथ ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा और हमें अपना आचरण भी बदलना पड़ेगा।

कार्यक्रम को विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर और आरकेडीएफ ग्रुप के चेयरमैन सुनील कपूर ने भी संबोधित किया। मंत्री डॉ. यादव और अतिथियों ने विश्वविद्यालय परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने आचार्य जे.सी. बोस अनुसंधान पार्क का उद्घाटन भी किया।

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