“आयुष आपके द्वार के तहत होगा औषधीय पौधों का वितरण

भोपाल

राष्ट्र वर्ष 2021-22 को आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा है। आयुष विभाग द्वारा भी इस महोत्सव में अनेक गतिविधियाँ वर्षभर संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसी के तहत विभाग "आयुष आपके द्वार'' कार्यक्रम से घरों में औषधीय पौधों के रोपण के लिये औषधीय पौधों का नि:शुल्क वितरण करेगा।

भोपाल में कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद सुश्री प्रज्ञा सिंह ठाकुर 3 सितम्बर को सुबह 12.30 बजे पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के हर्बल गार्डन में करेंगी। इस मौके पर प्रमुख सचिव आयुष श्रीमती करलिन खोंगवार देशमुख भी उपस्थित रहेंगी। प्रदेश में आयुष, उद्यानिकी, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से प्रति जिला 1500 औषधीय पौधों का वितरण उद्यानिकी विभाग की शासकीय नर्सरी से हितग्राहियों को किया जायेगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में आयुष विभाग द्वारा 3 सितम्बर से यह गतिविधियाँ शुरू की जा रही हैं। किचन गार्डन में औषधीय पौधों को लगाने की अवधारणा अंतर्गत पूरे देश में 75 लाख पौधों का वितरण होगा।

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शासकीय एवं निजी कार्यालय में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी द्वारा वाई-ब्रेक एप 5 मिनट का योग प्रोटोकॉल डिजाइन और विकसित किया गया है। इस योग प्रोटोकॉल में आसन, प्राणायाम एवं ध्यान शामिल हैं। यह योग प्रोटोकॉल कर्मचारियों को कार्य-स्थल पर ब्रेक के समय अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, तनाव कम करने, तरोताजा रहने और अपनी कार्य-क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा।

कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालय, स्नातक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये 4 सितम्बर को आयुष प्रणाली के माध्यम से स्वस्थ जीवन-शैली पर व्याख्यान होगा। व्याख्यान के साथ संबंधित आयुष जागरूकता सामग्री का वितरण भी होगा। इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों को आयुष स्वास्थ्य देखभाल पद्धति के प्रति संवेदनशील बनाना है। इससे छात्र कम उम्र में ही आयुष जीवन-शैली अपना सकेंगे। साथ ही भारतीय पारम्परिक चिकित्सा पद्धति से अवगत होकर स्वस्थ भारत के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

वैद्य आपके द्वार कार्यक्रम के जरिये नागरिकों को आयुष चिकित्सा सुविधा सहज रूप से प्रदान करने के लिये आयुष क्योर टेली-मेडिसिन एप द्वारा ऑनलाइन आयुष चिकित्सा पद्धतियों का परामर्श आयुष चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा दिया जा रहा है। साथ ही "योग से निरोग'' कार्यक्रम के तहत योग प्रशिक्षकों द्वारा ऑनलाइन योगाभ्यास भी कराया जा रहा है।

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