वन विभाग : टाइगर्स देखना हुआ महंगा, चुकाने होंगे दोगुने दाम

भोपाल
प्रदेश के जंगलों की सैर करने आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों पर भी महंगाई की मार पड़ने जा रही है। जंगल की सफारी करने के लिए सैलानियों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि अब टाइगर सफारी के लिए पहले से दोगुने दाम चुकाने होंगे। दरअसल, वन विभाग ने वन्यप्राणी पर्यटन के लिए प्रीमियम दिन तय कर दिए हैं। इन प्रीमियम दिनों में कोई पर्यटक टाइगर रिजर्व के कौर क्षेत्र की सैर करता है तो उसे डबल फीस भरनी होगी।

विभाग ने वर्ष 2021 में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में कुल 46 प्रीमियम दिन तय किए हैं। इसी तरह वर्ष 2022 में जनवरी से जून तक इन प्रीमियम डेस में सफारी के लिए भारतीय पर्यटकों को 3000 हजार रुपये चुकाने होंगे जबकि पहले 1500 रुपये शुल्क भरना पड़ता था वहीं विदेशी पर्यटकों को पहले से दोगुना 6000 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही सिंगल सीट का दाम भी दोगुना कर दिया गया है। भारतीय पर्यटकों को सिंगल सीट के लिए 500 रुपये व विदेशी पर्यटकों को 1000 रुपये देने होंगे। गौरतलब है कि बारिश के बाद अक्टूबर माह से प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोल दिए जाते हैं। देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां की वाइल्ड लाइफ को निहारने आते हैं।

अगले साल होने वाली भारतीय बाघ गणना 2022 के लिए वन विभाग ने मास्टर टेÑनर्स का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। फिलहाल दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका समापन आज होगा। इसमें आठ ईकाई के 34 मास्टर टेनर्स को तैयार किया गया है। ये ट्रेनर्स आगे मैदानी वन अमले को टेÑंड करेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कान्हा टाइगर रिजर्व के अतिरिक्त क्षेत्रीय वनमंडल उत्तर बालाघाट, दक्षिण बालाघाट, डिंडोरी, पूर्व मंडला, पश्चिम मंडला, लामटा प्रोजेक्ट, मोहगांव प्रोजेक्ट व कुडंम प्रोजेक्ट वन विकास निगम सहित कुल आठ ईकाइयों से चयनित 34 मास्टर ट्रेनर्स को गणना आकलन के लिए बुनियादी प्रशिक्षण व अभ्यास कराया जा रहा है।

 प्रशिक्षण देने के लिए विशेषज्ञ दल जयंत बोरा व श्रवणा गोस्वामी, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून, डॉ. अनिरूद्ध मजूमदार, राज्य वन अनुसंधान संस्थान, राहुल तलगावकर, विश्व प्रकृति निधि-भारत द्वारा इन मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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