कोरोना से मर गए मां-बाप, अब 5 अनाथ बच्चे गुजारे के लिए देख रहे सरकारी योजनाओं का सहारा
नई दिल्ली
कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने न जाने कितनों के घर उजाड़ दिए। कई मां-बाप में अपने बच्चे खो दिए तो कई बच्चों ने अपने मां बाप को खो दिया। मध्य प्रदेश में 5 बच्चों अब बिना मां-बाप के जी रहे हैं। कोरोना में इनका मां-बाप की मौत हो गई और अब जिंदगी गुजार ने के लिए ये 5 भाई-बहन सरकारी योजनाओं का सहारा देख रेह हैं।
कठिन परिस्थितियों में इन मासूमों को खाने के लिए भीख तक मांगनी पड़ी है। ये बच्चे मध्य प्रदेश के अमाहा गांव के अंदर एक टूटी हुई झोपड़ी में रहते हैं और जब बारिश आती है तो ये पास के श्मसान घाट में जाकर रहने लगते हैं। इन पांचों भाई बहन में सबसे बड़े वाले की उम्र 7 साल है और सबसे छोटे वाला महीने का है। पांच में तीन लड़किया हैं।
बच्चों के पास रहने वाले लोग इनकी कुछ मदद कर देते हैं। उनका कहना है कि बच्चों का दादा उनके साथ नहीं रहता है। गांव की पंचायत के एक सदस्य ने समाचार एजेंसी को बताया कि बच्चों को सरकारी योजनाओं का सहारा इसलिए नहीं मिल पा रहा है क्योंकि इनके पास वैलिड पहचान पत्र नहीं है।
