काबुल धमाकों पर दिखी तालिबान की मक्कारी, अमेरिका पर दोष मढ़ आतंकियों को बचाया

 काबुल 
अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट के पास ताबड़तोड़ कई धमाकों से पूरी दुनिया दहल उठी है। काबुल एयरपोर्ट पर हुए कई विस्फोटों में अब तक 70 से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं, जिनमें करीब 13 अमेरिकी नौसैनिक शामिल हैं। एक ओर जहां आईएसआईएस-के ने इस आतंकी हमले की जिम्मेवारी ली है, वहीं दूसरी ओर तालिबान है जो इसका ठीकरा अमेरिका पर ही मढ़ रहा है। काबुल विस्फोट करने वाले आतंकियों को खरी-खोटी सुनाने के बदले तालिबान अमेरिका को ही इस हमले का जिम्मेवार बता रहा है। तालिबान ने कहा कि है कि अमेरिकी सैनिकों ने अपने साजो-सामान को नष्ट करने के लिए ये विस्फोट कराए हैं। 

बीते कुछ दिनों पहली ही अफगानिस्तान को अपने कंट्रोल में लेने वाले तालिबान के प्रवक्ता जबीबुल्लाह मुजाबिद ने ट्वीट कर कहा कि काबुल में शाम को कई धमाकों की आवाज सुनी गई। काबुल हवाईअड्डे के अंदर अमेरिकी सैनिकों ने अपने ही साजो-सामान नष्ट करने के लिए विस्फोट किया। काबुल वासी इससे जरा भी चिंतित नहीं हैं।  तालिबान ने काबुल हवाई अड्डे के बाहर हुए हमले की निंदा की और कहा कि यह उस इलाके में हुआ जो अमेरिकी सेनाओं के नियंत्रण में है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि उनका संगठन बृहस्पतिवार को हुए हमले की कड़ी निंदा करता है और सुरक्षा पर पूरा ध्यान दे रहा है। 
 
IS ने ली काबुल ब्लास्ट की जिम्मेदारी 12 US सैनिक समेत 72 लोगों की मौत
बता दें कि काबुल शहर में एयरपोर्ट के बाहर और अंदर कुल सात विस्फोट हुए। एयरपोर्ट के बाहर दो आत्मघाती हमलों के बाद कई और हमले हुए और इनमें अब तक 70 से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इनमें 13 अमेरिकी सैनिक भी है, जिनकी जानें गई हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका के करीब 35 जवान भी घायल हैं। माना जा रहा है कि आतंकी काबुल में और भी विस्फोट को अंजाम दे सकते हैं।

बाइडन की चेतावनी
काबुल हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस से आतंकियों को चेताया है और कहा कि उन्हें इन मौतों की कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि हम न भूलेंगे और न तुम्हें माफ नहीं किया जाएगा। हम चुन चुन कर शिकार करेंगे। उन्होंने कहा कि हम अफगानिस्तान में रह रहे अपने अमेरिकी नागरिकों को बचाएंगे, साथ ही अपने सहयोगियों को भी निकालेंगे। हमारा मिशन जारी रहेगा।

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