मनसुख मांडविया ने शेयर किया मेल, सिसोदिया ने कहा- कम वक्त मिला

नई दिल्ली
संसद का मॉनसून सत्र खत्म हो गया है पर कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते मौतों के मामले पर दिल्ली सरकार और केंद्र का वार-पलटवार थम नहीं रहा है। एक दिन पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर आंकड़े देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हमें कई पत्र नहीं मिला है। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने  26 जुलाई को इस संबंध में दिल्ली सरकार को भेजे पत्र का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर साझा कर दिया। अब सिसोदिया ने दावा किया है कि  आंकड़े देने के लिए केंद्र ने दिल्ली सरकार को महज 12-14 घंटे ही दिए थे।  दरअसल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने दिल्ली सरकार के उस दावे पर सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया था कि ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों की जानकारी मांगने वाला कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में 26 जुलाई को भेजे पत्र को ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा, "माननीय सिसोदिया जी,  26 जुलाई को मेरे मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को जो मेल भेजा है, ये रही उसकी कॉपी। अभी भी देरी नहीं हुई है। 13 अगस्त तक आप डेटा भेज सकते हैं ताकि हम प्रश्न का उत्तर संसद को भेज सकें। अपने अधिकारियों से समीक्षा करके जरूरी डेटा जल्द से जल्द भिजवाने की कृपा करें।"

इसके बाद सिसोदिया ने मांडविया के ट्वीट के जवाब में कहा कि 26 जुलाई को दिल्ली सरकार को जो पत्र मिला था, उसमें केंद्र ने अगले दिन दोपहर तक आंकड़े देने का वक्त दिया था, जो महज 12 से 14 घंटे की समयसीमा थी।  सिसोदिया ने कहा, ''यह कहीं भी जिक्र नहीं किय गया था कि आंकड़े 13 अगस्त तक दिए जा सकते हैं। यदि ऐसा कहने वाला कोई पत्र है तो उसे अवश्य ही केंद्र द्वारा दिखाया जाए।" उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के मुद्दे पर केंद्र को शीघ्र ही एक रिपोर्ट सौंपेगी।  केंद्र सरकार ने मंगलवार को मीडिया को बताया था कि संसद में मुद्दा उठाए जाने के बाद केंद्र ने राज्यों से संबंधित जानकारी मांगी थी, लेकिन अबतक केवल एक राज्य ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से संदिग्ध मौतों की जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, ओडिशा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब सहित कुल 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश ने मंगलवार तक इस संबंध में केंद्र को जानकारी दी है।  उन्होंने बताया कि सिर्फ पंजाब ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी के चलते चार संदिग्ध मौतें हुई हैं।

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