बच्चों को कक्षा में जाकर पढ़ाने से पहले शिक्षकों की कोरोना जांच अनिवार्य

रांची
राज्य के हाई और प्लस टू स्कूलों में नौवीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने आने से पहले शिक्षकों की कोविड जांच कराई जाएगी। इसके लिए जिलों के माध्यम से शिक्षकों को निर्देश दिया जा रहा है। शिक्षकों को अपनी कोविड जांच रिपोर्ट भी जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में सौंपनी होगी, ताकि यह साबित हो सके कि कोई भी शिक्षक कोरोना संक्रमित नहीं है।  हाई और प्लस 2 स्कूलों में बच्चों को जहां अभिभावकों की सहमति पत्र लेकर आना होगा, वही शिक्षकों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट जमा करनी होगी। जिन शिक्षकों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, वे स्कूल नहीं आएंगे। इसके लिए रांची समेत अन्य जिलों ने निर्देश जारी किए गए हैं। जिलों ने कोविड टेस्टिंग वैन के साथ-साथ पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर बने सेंटर में कोविड की जांच कराने का निर्देश दिया है। वहीं शिक्षा विभाग ने अपने एसओपी में अब स्पष्ट किया है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले शिक्षक ही स्कूल में आकर बच्चों को ऑफलाइन पढ़ाएंगे। जो शिक्षक अब तक टीका नहीं लिए हैं, वे स्कूल नहीं आ सकेंगे।  शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर अपील की है कि शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह स्कूलों में बच्चों को पढ़ा सकें। बता दें कि राज्य सरकार की अनुमति के बाद शिक्षा विभाग ने छह अगस्त से नौवीं से 12वीं के छात्र छात्राओं को स्कूलों में बुलाकर ऑफलाइन पढ़ाई का निर्णय लिया है। इसमें छात्र-छात्राएं अभिभावकों की सहमति पर ही स्कूल आ सकेंगे। जो छात्र-छात्राएं घर पर रहकर पढ़ना चाहेंगे, उनके लिए डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन शिक्षा जारी रहेगी।
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *