सावन का दूसरा सोमवार: भांग-चंदन से सजे महाकाल,मनमहेश रूप में बाबा के दर्शन

उज्जैन
 राजाधिराज भगवान महाकाल के दर्शन के लिए दूसरे सोमवार को व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। आज सुबह 5 से महाकाल के दर्शन प्रारंभ किए गए हैं। दोपहर 1 बजे तक शिवभक्त महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद मंदिर में भक्तों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। शाम को दोबारा प्रवेश दिया जाएगा। शिवभक्त शाम को 7 से रात 9 बजे के बीच महाकाल के दर्शन कर सकेंगे हालांकि मंदिर में बैरिकेड्स से ही दर्शन होंगे।

सावन सोमवार पर सुबह बाबा की विशेष पूजा व आरती की गई। भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। परंपरा के अनुसार सोमवार को महाकाल का अनूठा श्रृंगार किया गया। भांग, फल, चंदन आदि से बाबा को सजाया गया है। प्री-बुकिंग के माध्यम से आनेवाले भक्तों ने महाकाल के दर्शन किए। सावन सोमवार को विशेष व्यवस्था के तहत दो गेटों से प्रवेश दिया जा रहा है।

वहीं आज महाकाल की सवारी भी निकलेगी जिसमें सीमित संख्या में लोग शामिल होंगे। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक नरेन्द्र सूर्यवंशी ने बताया कि शाम 4 बजे पूजा-अर्चना के बाद बाबा महाकाल की सवारी भ्रमण पर निकलेगी। भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में पालकी में विराजमान होंगे। गौरतलब है कि कोरोना प्रोटोकाल के कारण इस साल भी श्राद्धलुओं की सुरक्षा के चलते सवारी मार्ग लोगों के लिए बंद रहेंगे।

बाबा महाकाल शासकीय सलामी के बाद पालकी में सवार होकर मंदिर प्रांगण से निकलते हैं। इस साल मंदिर से निकलकर सवारी बड़ा गणेश होती हुई हरसिद्धि की पाल नरसिंह घाट से क्षिप्रा पर पहुंचेगी। सवारी की पूजा के बाद रामानुजकोट आश्रम, हरसिद्धि द्वार होते हुए मंदिर लौट आएगी। सवारी को खासतौर पर ड्रोन से कवर किया जाएगा। मंदिर के एप और सोशल मीडिया पर सवारी लाइव रहेगी। इसे http://www.mahakaleshwar.nic.in पर घर बैठे वर्चुअल देख सकते हैं।

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