ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग में तेज बारिश के आसार

 ग्वालियर
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र कुछ आगे बढ़कर पश्चिम बंगाल के आसपास पहुंच गया है। यह सिस्टम शनिवार को पश्चिम दिशा की ओर झारखंड एवं बिहार की तरफ बढ़ेगा। उधर हरियाणा एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मानसून ट्रफ फिरोजपुर, रोहतक, अलीगढ़, प्रयागराज से डाल्टनगंज होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। इन चार वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने से प्रदेश में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बारिश हो रही है। शनिवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं। इस दौरान पूर्वी मप्र के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। इस दौरान दक्षिणी मप्र के भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद संभाग के जिलों में रुक-रुककर बौछारें पड़ती रहेंगी।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पचमढ़ी में 45, श्‍योपुरकलां में 40, गुना में 27, खजुराहो में 26, ग्वालियर में 26, सतना में 22, नौगांव में 21, दतिया में 16.4, होशंगाबाद में 16.2, रतलाम में 14, उमरिया में 7.6, भोपाल, मंडला और सतना में सात-सात, जबलपुर में 6.6, नरसिंहपुर में छह, धार में 5.3, रीवा में 5.2, टीकमगढ़, खंडवा में पांच-पांच, उज्जैन में 3.6, खरगोन में 3.2, मलाजखंड में तीन, सागर में 2.2, छिंदवाड़ा में 1.8, इंदौर में 1.1 मिलीमीटर बारिश हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। यह झारखंड, बिहार से दक्षिणी उत्तर प्रदेश पहुंचेगा। इस वजह से अगले तीन चार दिन में उत्तरप्रदेश से लगे मप्र के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के जिलों में तेज बौछारें पड़ेंगी। इस दौरान भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर संभाग के जिलों में हल्की बौछारें पड़ेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *