खनिज विभाग में अमले की कमी, अवैध खनन रोकने अतिरिक्त अमले की मांग

भोपाल
प्रदेश में रेत और अन्य खनिजों के अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए मध्यप्रदेश में खनिज विभाग के पास पर्यापत अमला ही नहीं है। खनिज विभाग ने अतिरिक्त अमले की मांग की है। यह प्रस्ताव वित्त विभाग के पास अटका हुआ है। राज्य सरकार ने खनिज विभाग को जांच और निगरानी के लिए होमगार्ड की सेवाएं खनिज विभाग को दी है लेकिन खनिज विभाग ने एसआईएसएफ का सशस्त्र अमला मांगा है ताकि खनिज माफिया पर लगाम लगाई जा सके।

खनिज विभाग के पास कई जिलों में जिला खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक ही नहीं है। कई जिलों में एएमओ तक नहीं है।लंबें समय से भर्तियां नहीं हुई है इसके कारण ऐसे हालात बने है। खनिज विभाग को अवैध खनन की जांच और मानीटरिंग के लिए पुलिस और राजस्व विभाग के अमले की मदद लेना पड़ता है। खनिज विभााग ने खनिज अधिकारी, खनिज निरीक्षक से लेकर नीचे तक पांच सौ लोगों की भर्ती करने के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग के पास भेजा है। वित्त विभाग लंबे समय से इस फाइल को दबाकर बैठा है।

 खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक नहीं होंने के कारण कई जिलों में पर्याप्त निगरानी नहीं होंने से अवैध खनन और परिवहन पर रोक नहीं लग पा रही है। इससे सरकार को काफी घाटा उठाना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश में खनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों को आरएफआईडी से लैस किया जाएगा।

गृह विभाग ने खनिज विभाग को अवैध खनन, परिवहन रोकने के लिए ढाई सौ होमगार्ड की सेवाएं दी है।  लेकिन होमगार्ड से पर्याप्त सुरक्षा करना संभव नहीं है। चूंकि अवैध खनन और परिवहन में लगा खनिज माफिया हथियारों से लैस होता है इसलिए उन्हें रोक ने के लिए हथियाबंद जवानों की जरुरत है। इसलिए खनिज विभाग ने गृह मंत्री के पास प्रस्ताव भेजा है कि उन्हें एसआईएसएफ के जवान मुहैया कराने की मांग की है। प्रदेशभर के लिए ढाई सौ एसआईएसएफ जवान मांगे गए है।

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