नेशनल सीरो सर्वे: देश के 40 करोड़ लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं 

नई दिल्ली
कोरोना वायरस संकट के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को हैरान करने वाली जानकारी दी। कोविड के लिए की गई राष्ट्रीय सीरो सर्वे के चौथे चरण की रिपोर्ट के बारे में बताते हुए बलराम भार्गव ने कहा कि देश की तिहाई आबादी, लगभग 40 करोड़ लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सीरो सर्वे का चौथा चरण जून-जुलाई में 21 राज्यों के 70 जिलों में आयोजित किया गया था।

सीरो सर्वे में देशभर के 6-17 वर्ष की आयु के बच्चों को भी शामिल किया गया था। भारत की लगभग 67.6 फीसदी आबादी में कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी बनी है, इसका मतलब हुआ कि ये सभी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। 6-9 वर्ष आयु वर्ग के 57.2 प्रतिशत बच्चों में ये एंटीबॉडी बनी हैं वही, 10-17 वर्ष की उम्र के युवाओं की 61.6 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी है। इसके अलावा 18-44 वर्षों में, यह 66.7 फीसदी था। 45-60 वर्ष के आयु वर्ग में 77.6 फीसदी लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी मिली।

डॉ. बलराम भार्गव ने आगे बताया है, पुरुष और महिला, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के एंटीबॉडी में कोई अंतर नहीं है। जिन लोगों में अभी कोविड वैक्सीन का टीका नहीं लगा उनमें कोरोना के खिलाफ 62.3 एंटीबॉडी पाई गई और जिन्होंने पहली डोज ले ली है उनमें से 81 लोगों में एंटीबॉडी मिली। वहीं कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके 89.8 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाया गया।

आईसीएमआर डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए लोगों को अधिक सावधानी बरतने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, सामाजिक, सार्वजनिक, धार्मिक और राजनीतिक सभाओं से बचना चाहिए, गैर-जरूरी यात्रा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए और पूरी तरह से टीकाकरण होने पर ही यात्रा करें। हमें जल्द से जल्द सभी स्वास्थ्य कर्मियों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने की जरूरत है और कमजोर समूहों में टीकाकरण में तेजी लाने की जरूरत है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि एक तिहाई आबादी में एंटीबॉडी नहीं है यानी देश की 40 करोड़ आबादी अभी भी कोरोना वायरस की चपेट में आ सकती है।

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