मोदी कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले कोरोना…इंटरनेट…फ्री राशन और पावर रिफॉर्म
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट और कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की मीटिंग हुई. इस मीटिंग में पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन रिफॉर्म को मंजूरी दी गई. साथ ही देश में गांव-गांव तक इंटरनेट से जोड़ने के लिए भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत फंड को भी मंजूरी दी गई. भारत नेट प्रोजेक्ट के लिए 19 हजार करोड़ रुपए के आवंटन को मंजूरी मिली है.
राहत पैकेज को मंजूरी
कैबिनेट मीटिंग में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, दो दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड के कारण 6 लाख 28 करोड़ की मदद का जो खाका बताया था उसे आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, पहले की सरकारें जो घोषणा करती थीं उसे कई दिनों बाद लागू करती थीं लेकिन मोदी सरकार ने इसे जल्द लागू कर दिया.
भारत नेट के लिए 19 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रत्येक गांव तक इन्फॉर्मेशन हाइवे पहुंचे, इसके लिए सरकार ने फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने भारत नेट के लिए 19 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इसके तहत गांव-गांव में ब्रॉडबैंड सिस्टम को पहुंचाने का काम किया जाएगा.
देश के 16 राज्यों में भारत नेट को PPP मॉडल (30 साल का एग्रीमेंट) के तहत मंजूरी दी गई है. कुल प्रोजेक्ट 29 हजार करोड़ तक का है, जबकि भारत सरकार का 19 हजार करोड़ का हिस्सा है. इससे 3 लाख से अधिक गांव को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा. इस प्रोजेक्ट में कुल 9 पैकेज आएंगे, जबकि एक प्लेयर को अधिकतम 4 पैकेज दिए जाएंगे.
पावर रिफॉर्म के लिए 3.03 लाख रुपये मंजूर
बिजली क्षेत्र में रिफॉर्म को लेकर केंद्रीय कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है. इसके लिए 3.03 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए गए है. इसके तहत राज्य सरकारों की ओर से प्लान मांगा जाएगा, जिसके तहत केंद्र की ओर से उन्हें पैसा दिया जाएगा.
इसके अलावा बड़े शहरों में ऑटोमैटिक सिस्टम को लागू करने की तैयारी है. केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने जानकारी दी कि इसके तहत सोलर सिस्टम को मजबूत करने का भी प्लान है. पुरानी HT-LT लाइन्स को बदला जाएगा, ताकि 24 घंटे बिजली की ओर कदम बढ़ाया जा सके. साथ ही गरीबों के लिए प्रतिदिन रिचार्ज सिस्टम लाया जाएगा.
