तीसरी किस्त के बाद भी 90 हजार PM आवास अधूरे
भोपाल
प्रधानमंत्री आवास योजना में मैदानी अफसरों की अरुचि के चलते 90 हजार से अधिक लोगों को पीएम आवास के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। तीसरी किस्त का भुगतान करने के बाद भी अभी तक ये आवास नहीं बन पाए है। रतलाम,डिंडौरी, जबलपुर, सतना और अनूपपुर जिलों में पीएम आवास बनने की रफ्तार सबसे धीमी है।
प्रदेश में वर्ष 20-21 के 40609 और पूर्व के वर्षों के 50146 इस तरह 90755 हितग्राहियो ंके पीएम आवास तीसरी किश्त मिलने के 45 दिन बार भी अधूरे पड़े है। ऐसे जिले भी बड़ी संख्या में है जहां प्रथम और द्वितीय किस्त जारी होने के 45 दिन बाद भी आगामी किस्त नहीं मिली और आवास अपूर्ण है। इनमें सिंगरौली, दमोह, बड़वानी,सिवनी, सतना, खरगौन, कटनी, झाबुआ, रायसेन,मंडला, अनूपपुर, जबलपुर, अलीराजपुर, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, राजगढ़, राजगढ़, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, पन्ना, दतिया, सीहोर, डिडौरी, रतलाम, छिंदवाड़ा,देवास, विदिशा, शहडोल, धार, रीवा, बालाघाट, शाजापुर, छतरपुर, भोपाल, गुना और सागर शामिल है। सभी को आगामी सप्ताह में अनिवार्य रूप से किस्तें जारी कर आवास पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है।
दस जिलों को बेहतर परफारमेंस बधाई मिली है। इन जिलों में एक दिन में सर्वाधिक आवास बने है। इनमें धार में 121, अलीराजपुर में 116, सागर में 97 आावास बने हैं। दमोह, रायसेन, खरगौन, राजगढ़, डिंडौरी, छतरपुर, टीकमगढ़ का काम भी बेहतर रहा है।
प्रदेश के चौदह जिले ऐसे है जहां आवासों के निर्माण की गति काफी धीमी है और हर जिले में एक-एक हजार से अधिक आवास अभी अपूर्ण है। सिंगरौली जिले में 4 हजार 977 आवास अपूर्ण है। दमोह में 4173, बड़वानी में 2991, सतना में 2548, खरगौन में 2397, कटनी में 1967, झाबुआ में 1780 आवास नहीं बन पाए है। रायसेन, मंडला,अनूपपुर, जबलपुर, अलीराजपुर, सीधी जिलो में भी एक-एक हजार से अधिक आवास अधूरे पड़े है। सिवनी में 1812 और बड़वानी में 2400 तथा खरगौन में दो हजार आवासों की स्वीकृति लंबित चल रही है। सतना जिले ने तो एक सप्ताह में कोई भी स्वीकृति नहीं दी है।
