BJP बूथ लेवल पर बनाएगी SC-ST मोर्चा

भोपाल
एससी-एसटी की निगाहों में अच्छा होने के बाद अब उनमें पार्टी के प्रति अपनापन का भाव जगाने के लिए भाजपा खास तौर पर प्लानिंग कर रही है। इसके लिए पार्टी नेताओं के साथ हुए मंथन के बाद एक रोडमैप तैयार किया जा रहा है जिसमें इस वर्ग के लिए सत्ता और संगठन की मदद से चलाए जाने वाले कार्यक्रमों का उल्लेख होगा। खास बात यह भी है कि इस वर्ग के लिए जिला व मंडल की तर्ज पर पार्टी मोर्चा स्तर पर एक अलग कैडर भी बूथ लेवल पर डेवलप करेगी।

प्रदेश में एससी-एसटी कैटेगरी के लोगों को साधने के लिए भाजपा जल्द ही अपने संगठनात्मक व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है। यह बदलाव दोनों ही वर्गों के लिए काम करने वाले मोर्चा पदाधिकारियों के मामले में होगा। भाजपा प्रदेश के सभी 65 हजार बूथों पर जिला और मंडल मोर्चा की तर्ज पर बूथ स्तर का अजा-अजजा मोर्चा बनाएगी। इसमें स्थानीय युवाओं को पदाधिकारी बनाया जाएगा। इसके साथ ही इनके हर सामाजिक कार्यक्रमों से पार्टी को जोड़कर इस वर्ग का अपनापन हासिल करेगी।

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद भाजपा ने शुक्रवार को पूरा दिन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हित में किए जाने वाले कामों पर मंथन किया है। इस मंथन में जो खास बात सामने आई है वह यह है कि संगठन स्तर पर पार्टी अजा-अजजा मोर्चा में एक नया कैडर तैयार करेगी। यह कैडर बूथ स्तर का मोर्चा संगठन होगा, जिसमें बूथ क्षेत्र में रहने वाले इन वर्गों के लोगों को उसी तरह अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी जैसे मंडल और जिला स्तरीय मोर्चा पदाधिकारी बनाए जाते हैं।

भाजपा के  केंद्रीय नेतृत्व ने यह आंकलन किया है कि यह दोनों ही वर्ग ये तो मानते हैं कि भाजपा अच्छी है पर यह नहीं मानते कि भाजपा अपनी है। इसीलिए 2023 के चुनाव के पहले यह काम करने का निर्णय लिया गया है कि 80 से अधिक सीटों विधानसभा सीटों और प्रदेश की कुल आबादी में खासा दखल रखने वाले इस वर्ग को पूरी तरह भाजपा का बनाया जाएगा।

अजा-अजजा वर्ग को लेकर भाजपा की गंभीरता का अनुमान इससे भी लगाया जा सकता है कि अब पार्टी इस वर्ग के दायरे में आने वाली जातियों और उसकी उपजातियों पर भी फोकस करेगी। इन जातियों और उपजातियों के सामाजिक संगठनों से सीधे जुड़कर पार्टी मिशन 2023 का इस वर्ग का वोट कबाड़ने का जुगाड़ बना रही है। पार्टी ने इसके एक्जीक्यूशन के लिए प्लानिंग कर ली है और अब संगठन, जिला और मंडल स्तर पर समितियां बनाकर इस काम को तेज करने का काम किया जाएगा।

पार्टी ने यह भी तय किया है कि संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने के साथ सरकार की योजनाओं की मानीटरिंग में भी इन्हें महत्व दिया जाएगा। साथ ही इनके सामाजिक कार्यक्रमों से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जोड़ा जाएगा और आने वाले दिनों में इन वर्गों के निवास क्षेत्र वाली बस्तियों में सामाजिक आर्थिक विकास के साथ पार्टी के कार्यक्रमों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी।

 

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