डॉ. मुखर्जी हमारे प्रेरणा पुंज, उन्हीं की राह पर बढ़ रहे हैं हमः CM शिवराज
भोपाल
प्रखर राष्ट्रवादी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। डॉ. मुखर्जी ने उस समय मुस्लिम लीग के प्रयासों का विरोध किया, जब वह पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल कराने के लिए षडयंत्र चला रही थी। पश्चिम बंगाल आज अगर भारत का अंग है, तो उसका श्रेय भी डॉ. मुखर्जी को ही जाता है। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी देश के ऐसे पहले शहीद थे, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए आजादी के बाद अपना बलिदान दिया। यह बात पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने डॉ. मुखर्जी, पार्टी के दिवंगत नेताओं और कोविड संकट के दौरान प्राण गवांने वाले कार्यकर्ताओं की स्मृति में पौधारोपण के अवसर पर कही।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस 23 जून से उनके जन्मदिवस 6 जुलाई तक पूरे देश में पौधरोपण का अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में बुधवार को अरेरा कॉलोनी स्थित समिधा पार्क में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पार्टी के दिवंगत नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की स्मृति में लगभग 27 प्रजातियों के पौधे रोपे गए।
डॉ. मुखर्जी के कारण ही बच सका पश्चिम बंगालः शिवप्रकाश जी
डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी प्रखर विद्वान और राष्ट्रवादी थे। वे सबसे कम आयु में कलकत्ता वि.वि. के कुलपति बने और देश के उद्योग मंत्री के रूप में औद्योगिक विकास का प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए डॉ. मुखर्जी के बलिदान की बात सभी जानते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल भी आज अगर भारत का अंग है, तो वह डॉ. मुखर्जी के कारण ही है। देश के विभाजन के समय मुस्लिम लीग ने पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल किए जाने की मांग की थी। इसी को लेकर बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. सोहरावर्दी के नेतृत्व में मुस्लिम लीग ने डायरेक्ट एक्शन शुरू किया और एक ही दिन में बंगाल में 10 हजार हत्याएं कर दीं। भारत सेवा आश्रम के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद जी ने डॉ. मुखर्जी को समाज की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। देश और समाज की रक्षा के लिए डॉ. श्यामाप्रसाद मुंखर्जी ने महात्मा गांधी और अंग्रेज गवर्नर जनरल से लगातार बातचीत की और बंगाल के विभाजन का प्रस्ताव रखा। इसी के फलस्वरूप पश्चिम बंगाल पाकिस्तान में जाने से बच सका।
समाज हित के लिए राजनीति करती है भारतीय जनता पार्टी
शिवप्रकाश जी ने कहा कि देश के अन्य दल केवल सत्ता के लिए राजनीति करते हैं। इसीलिए जब कोरोना का संकट आया, तो कोई दल लोगों की मदद के लिए आगे नहीं आया। किसी ने ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं की, कोई दल गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए आगे नहीं आया, किसी ने वैक्सीनेशन के लिए व्यवस्था नहीं की। लेकिन मुसीबत के उस दौर में भारतीय जनता पार्टी लोगों की मदद के लिए आगे आई और हमारे कार्यकर्ताओं ने 20 करोड़ लोगों को भोजन पहुंचाया। ये दल दिल्ली में बैठकर सिर्फ इस बात का प्रयास करते रहते हैं कि भाजपा को सत्ता में आने से किस प्रकार रोका जाए। ये सिर्फ सत्ता में आकर अपना घर भरने की सोचते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी समाज हित के बारे में सोचती है। जब इन दलों के नेता अपने-अपने घरों में क्वारेंटाइन थे, तब भाजपा के 11 करोड़ कार्यकर्ता अपने प्राणों की बाजी लगाकर लोगों की मदद कर रहे थे। शिवप्रकाश जी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि राजनीति तो होती रहेगी, लेकिन ये समय समाज की रक्षा और समाज सेवा का है। ये भारतीय जनता पार्टी ही है, जिसके पास ऐसे श्रेष्ठ विचार रखने वाले नेता और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन छत्रपति शिवाजी महाराज ने सुशासन के लक्ष्य के साथ विदेशी शक्तियों को मात देकर हिन्दवी साम्राज्य की स्थापना की थी और उसी राह पर चलते हुए आज देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 130 करोड़ लोगों को सुशासन उपलब्ध कराने का काम कर रही है।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि पं. नेहरू ने अपनी हठधर्मिता के चलते कश्मीर में धारा 370 लगाई थी, लेकिन डॉ. मुखर्जी को पं. नेहरू का यह तुष्टिकरण रास नहीं आया। उन्होंने महसूस किया कि देश को एक ऐसे वैकल्पिक राजनीतिक दल की जरूर है, जो देश के लिए सोचता हो और उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना की। यही जनसंघ आज भाजपा के रूप में एक विशाल वटवृक्ष बन गया है। चौहान ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने एक देश में, दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे का उद्घोष करते हुए बिना परमिट कश्मीर में प्रवेश किया और वहीं की जेल में वे शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी हमारे प्रेरणा पुंज हैं और उन्हीं की बताई राह पर चलते हुए आज हमारा देश प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया के मार्गदर्शक के रूप में आगे बढ़ रहा है। चौहान ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस से पार्टी ने पौधारोपण का जो अभियान शुरू किया है, वह उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन का महत्व हम सभी ने कोरोना संकट में देखा है। ऐसे में पार्टी ने हर बूथ पर 11 पौधे लगाने का जो अभियान चलाया है, वह अभिनंदनीय है। चौहान ने कहा कि सेवा ही संगठन अभियान में हमारे कार्यकर्ताओं ने चमत्कारिक काम किया है और वैक्सीनेशन अभियान में उनकी जो भूमिका रही है, उसके लिए मैं सभी को धन्यवाद देता हूं। चौहान ने आग्रह किया कि कोरोना वायरस अभी मौजूद है। ऐसे में तीसरी लहर को रोकने के लिए यह जरूरी है कि हम सभी कोविड गाइडलाइन के अनुरूप व्यवहार करें और वैक्सीन लगवाएं।
पूरा हुआ कश्मीर के बारे में डॉ. मुखर्जी का सपनाः विष्णुदत्त शर्मा
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 लगाए जाने का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। उन्होंने जो विचार दिया और जिस संकल्प को पूरा करने के लिए अपना बलिदान दिया, कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति का वो संकल्प अब पूरा हो चुका है। शर्मा ने कहा कि पार्टी डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस से लेकर उनकी जयंती तक प्रदेश के सभी 68 हजार बूथों पर 11-11 पौधे रोपने का अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में समिधा पार्क में डॉ. मुखर्जी, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और दिवंगत कार्यकर्ताओं की स्मृति में उनके परिजनों के साथ पौधारोपण का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। शर्मा ने कहा कि कोरोना संकट अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए सभी कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। उन्होंने प्रदेश में एक ही दिन में 16.50 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाए जाने पर समाज, पार्टी कार्यकर्ताओं और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को बधाई दी।
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान स्व. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्व. कुशाभाऊ ठाकरे, स्व. राजमाता सिंधिया स्व. प्यारेलाल खंडेलवाल, स्व. नारायण प्रसाद गुप्ता, स्व.सुंदरलाल पटवा, स्व. कैलाश जोशी, स्व. बाबूलाल गौर, स्व. अनिल माधव दवे, स्व. बाबूलाल भानपुर, स्व. रियाज अली काका, स्व. गौरीशंकर कौशल, स्व. ओम यादव, स्व. शारदा पनतावने, स्व. विजेश लुणावत सहित 25 नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की स्मृति में पौधे रोपे गए। इस अवसर पर प्रदेश सह संगठन महामंत्री हितानंद जी, प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक शर्मा,मती सीमा सिंह, प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी, रणवीर सिंह रावत, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी विधायक रामेश्वर शर्मा,मती कृष्णा गौर, जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी, सुरजीत सिंह चौहान आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अशोक सैनी ने किया।
इन प्रजातियों के लगाए पौधे
कार्यक्रम के दौरान बरगद, पीपल, नीम, मदार, कुछला, आंवला, जलबेतरा, गूलर, जामुन, खेर, शीशम, देसी बांस, नागचंपा, पलाश, पाकड़, रीठा, बेल, अर्जुन,, कटाई, महुआ, आम, कदम, कटहल, शाल, चीड़, शमी, मौलश्री आदि प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
