एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के 85 टेक्नीशियन व कर्मचारी कोविड टेस्टिंग के लिए सम्मानित

रायपुर
छत्तीसगढ़ में कोविड टेस्टिंग में उल्लेखनीय योगदान के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की वीआरडी लैब के 85 टेक्निशियन और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। लैब अब तक 2.90 लाख टेस्ट कर चुकी है जो देशभर के सभी एम्स में सबसे अधिक है। इस दौरान 39109 सैंपल पॉजीटिव पाए गए।

माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने पांच मार्च 2020 से प्रारंभ हुई लैब की सेवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि चिकित्सकों के साथ टेक्नीशियन, डेटा एंट्री आॅपरेटर और अनुसंधानकतार्ओं ने उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान की। लैब में 24 गुणा सात दिन टेस्टिंग चली, जिसकी वजह से समय पर परिणाम मिले और कोविड रोगियों का उपचार प्रारंभ हो पाया। उन्होंने इस अनुभवी यात्रा के सहभागियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा। प्रो. नागरकर ने कहा कि कोविड के बाद भी एम्स द्वारा प्रशिक्षित कर्मचारी और प्रदेशभर में स्थापित लैब आम लोगों को सेवाएं प्रदान करते रहेंगे। यह कोविड की चुनौती का सकरात्मक परिणाम है।

डीन प्रो. एसपी धनेरिया ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एक टीम के रूप में कार्य करने की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिना कार्य दिवसों की चिंता किए विभाग ने जिस प्रकार टेस्टिंग की है वह नि:संदेह उल्लेखनीय है। विभागाध्यक्ष प्रो. अनुदिता भार्गव ने बताया कि विभाग में अब तक 290473 टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें 39109 टेस्ट पॉजिटिव पाए गए। विभाग तीसरी लहर का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। डॉ. संजय नेगी का कहना था कि मार्च में केंद्र सरकार द्वारा देशभर की जिन 16 लैब को कोविड टेस्ट के लिए सहमति दी गई थी उसमें एम्स रायपुर भी शामिल था। 17 मार्च को पहला टेस्ट पॉजीटिव आने के बाद से अब तक विभाग ने बिना छुट्टी के लगातार सैंपल टेस्ट कर रिपोर्ट दी हैं। कार्यक्रम में उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता, डॉ. पदमा दास, डॉ. अर्चना वानखेड़े, डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल सहित विभाग के तकनीकी कर्मचारी और डाटा एंट्री आॅपरेटर भी उपस्थित थे।

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