‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह, उनकी उपलब्धियों पर

 नई दिल्ली 
भारत के पूर्व फर्राटा धावक और 'फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया। चार बार के एशियाई चैंपियन और 1960 के ओलंपियन मिल्खा सिंह ने चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में अंतिम सांस ली। मिल्खा 20 मई को कोरोना वायरस की चपेट में आए थे। उनके परिवार के रसोइए को कोरोना हो गया था, जिसके बाद मिल्खा और उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। बाद में उनकी पत्नी का कोविड-19 संक्रमण से जूझते हुए मोहाली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।  
 
मिल्खा सिंह भारत के सबसे सफल एथलीट्स में से एक हैं। साल 1958 में इंग्लैंड में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे, जिसमें मिल्खा सिंह ने 400 मीटर की रेस में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इन खेलों में उन्होंने भारत की तरफ से पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल हासिल किया। यह एक ऐसा रिकॉर्ड था, जो लगभग पांच दशक तक नहीं टूट सका। इसी साल हुए एशियाई खेलों में भी मिल्खा सिंह ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और दो गोल्ड मेडल हासिल किए। जापान में खेले गए इन गेम्स में 200 मीटर और 400 मीटर की रेस में उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इन खेलों के 4 साल बाद जकार्ता में एशियाई खेल हुए, जिसमें मिल्खा ने 200 मीटर की रेस में गोल्ड अपने नाम किया और 400 मीटर की रिले रेस में भी गोल्ड मेडल पर अपनी मुहर लगाई।

रोम ओलंपिक में मामूली अंतर से गंवा दिया कांस्य पदक
मिल्खा सिंह का करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था, जिसमें वे 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। जब भी मिल्खा सिंह का जिक्र होता है रोम ओलंपिक में उनके पदक से चूकने का जिक्र जरूर होता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मेरी आदत थी कि मैं हर दौड़ में एक दफा पीछे मुड़कर देखता था। रोम ओलिंपिक में दौड़ बहुत नजदीकी थी और मैंने जबरदस्त ढंग से शुरुआत की। हालांकि, मैंने एक दफा पीछे मुड़कर देखा और शायद यहीं मैं चूक गया।' इस दौड़ में कांस्य पदक विजेता का समय 45.5 था और मिल्खा ने 45.6 सेकंड में दौड़ पूरी की थी। साल 1959 में उन्हें बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया था। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *