प्रदेश में 18 हजार पुलिस पदों जल्द की जाएगी नयी भर्ती
भोपाल
मध्य प्रदेश पुलिस (Police) में खाली पड़े पद जल्द भरे जाएंगे. इससे महिला अपराध रोकने में भी मदद मिलेगी और नये लोगों को रोजगार भी मिलेगा. सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने कहा है युवाओं को रोजगार देने के लिए ऐसा करना ज़रूरी है. इसी के साथ मध्य प्रदेश में राज्य महिला अपराध शाखा का नाम बदलकर अब महिला सुरक्षा शाखा कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध, घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की. इस बैठक में सीएम ने पुलिस की राज्य महिला अपराधा शाखा का नाम बदलकर महिला सुरक्षा शाखा किए जाने का फैसला लिया.
रोजगार अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा अपराधों का एक कारण बेरोजगारी भी है. प्रदेश में प्रतिमाह हर जिले में रोजगार अभियान चलाया जाए. जिसके माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलवाया जाए. साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस में रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए. डीजीपी विवेक जौहरी ने बताया प्रदेश में पुलिस जवानों के 18 हजार पद रिक्त हैं. जिनकी भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी. इस समीक्षा बैठक में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा मौजूद थे.
6 महीने में 5205 बालिकाओं को ढूंढा…
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिले, इसके लिए ऐसे प्रकरणों में न्यायालयों में शासन का पक्ष मजबूती से रखा जाए. प्रदेश में 6 महीनों में अपहृत 5205 बालिकाओं को उनके घर वापस पहुंचाया गया है, जो कि कुल अपहृत 8566 बालिकाओं का 60.8% है. उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक बालिका को ढूंढ़कर सही सलामत उसके घर पहुंचाया जाए.
18 प्रकरणों में मृत्यु दंड की सजा बरकरार
प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के 18 प्रकरणों में न्यायालय द्वारा दी गई मृत्यु दंड की सजा को उच्च न्यायालय ने यथावत रखा है. अब प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निर्देश दिए कि वहां प्रकरणों में शासन का पक्ष मजबूती से रखा जाए.
महिला पुलिस वॉलेंन्टियर योजना
केन्द्र सरकार ने महिला पुलिस वॉलेंन्टियर योजना के लिए प्रदेश के 2 जिलों मुरैना और विदिशा को चुना है. योजना के अंतर्गत प्रत्येक गांव, वार्ड में एक महिला पुलिस वॉलेंन्टियर बनाई जाएगी, जो महिलाओं के विरूद्ध अपराध के संबंध में कार्रवाई में सहायता करेगी. उसे 1000 रूपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा.
