वैक्सीनेशन का टार्गेट अचीव करने सीएम जुटें, 21 जून से महाअभियान

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली से लौटने के बाद अब कोरोना की तीसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए 100 फीसदी वैक्सीनेशन का टारगेट रखा है और इसके लिए मंत्रियों, अफसरों, क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी और जनता के फीडबैक के आधार पर प्लानिंग में जुट गए हैं।

शिवराज ने गुरुवार को इसको लेकर तीन अलग-अलग दौर की बैठकें रखीं। पहली बैठक में मंत्री समूह और अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। इसमें अब जुलाई के बजाय योग दिवस से वैक्सीनेशन महाभियान चलाने को लेकर निर्णय लिए गए।

प्रधानमंत्री से मिलने के दौरान सीएम चौहान को योग दिवस 21 जून से वैक्सीनेशन का काम तेज करने के निर्देश पीएम ने दिए थे। इसके बाद आज सीएम चौहान ने मंत्रालय में अफसरों के साथ बैठक में इस मसले पर चर्चा की। पहले राज्य सरकार वैक्सीनेशन का महाभियान एक जुलाई से तीन जुलाई के बीच चलाने वाली थी। आज हुई बैठक में वैक्सीनेशन के लिए बनाए गए मंत्री समूह के साथ जन जागरुकता और प्रचार प्रसार के लिए बनाए गए मंत्री समूह की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस पर चर्चा हुई।

इस बैठक में मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, डॉ प्रभुराम चौधरी, विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, उषा ठाकुर, इंदर सिंह परमार, प्रेम सिंह पटेल, रामखेलावन पटेल और गोविन्द सिंह राजपूत शामिल हुए। इसमें लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने की खातिर जिलों में दौरे करने और वैक्सीन को लेकर लोगों में फैलाए गए भ्रम को दूर करने पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री चौहान ने वैक्सीनेसन को लेकर आज जिला स्तरीय, ब्लाक स्तरीय तथा ग्राम स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी को संबोधित किया। साथ ही कलेक्टर, एसपी, आईजी ,संभागायुक्त भी इसमें शामिल हुए। इसमें गांवों में लोगों को प्रेरित करने के लिए क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी को आगे आने और खुद वैक्सीनेशन कराकर दूसरों को समझाईश देने के लिए कहा गया ताकि लोगों का भ्रम दूर हो सके। बाद में कोरोना समीक्षा बैठक में भी इस पर चर्चा हुई।

सीएम चौहान युवा शक्ति कोरोना से मुक्ति अभियान के अंतर्गत कल कालेज स्टूडेंट्स को संबोधित करेंगे। इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग के अपर आयुक्त चंद्रशेखर वालिंबे ने आदेश जारी कर कहा है कि वर्चुअल संबोधन कार्यक्रम में कोरोना अनुकूल व्यवहार और वैक्सीनेशन पर चर्चा की जाएगी। जिन महाविद्यालयों में वर्चुअल सेटअप है वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अधिकतम 50 स्टूडेंट्स को इंटरेक्टिव कार्यक्रम में बुलाया जाए। जहां वर्चुअल सेटअप नहीं है वहां एलईडी, डेस्कटाप व लैपटाप कम्प्यूटर के माध्यम से स्टूडेंट्स को शामिल करें।

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