राजधानी-संस्कारधानी में खपाया माल, कई शहरों में होगी रेड
भोपाल
देश के 18 राज्यों में फैले सायबर डकैतों का हाल ही में नेटवर्क बर्स्ट करने वाली बालाघाट पुलिस को आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। इस गैंग के तार भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के कई शहरों से जुड़ गए हैं। इन शहरों में रहने वाले कुछ लोगों ने इस फ्रॉड के जरिए माल बेचने से लेकर ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलने का काम भी किया है। भोपाल, जबलपुर की पुलिस इस गैंग के लोगों को पकड़ने के लिए छापा डाल सकते हैं। वहीं स्टेट सायबर सेल भी इस मामले में सक्रिय हो गई है। बताया जाता है कि इस फ्रॉड में देश भर के करीब 800 लोगों की चेन है। जो चार से ज्यादा लेयर पर काम करती है।
एसपी बालाघाट अभिषेक तिवारी ने बताया कि इस गैंग के बालाघाट में पकड़ाए आरोपियों से पता चला है कि भोपाल, जबलपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा के बाजारों में उनकी गैंग ने माल खपाया है। बताया जाता है कि इसमें अधिकांश मोबाइल शॉप की दुकानों पर माल बेचा गया है। महंगे मोबाइल आॅन लाइन खरीदे गए और औने-पौने दामों में राजधानी और संस्कारधानी के बाजारों में बेचे गए। इसके साथ ही ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम भी किया गया।
इन शहरों में माल बेचने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बालाघाट पुलिस ने मंगलवार की रात को भोपाल सहित अन्य शहरों की पुलिस को जानकारी भेजी है। इनको गिरफ्ताार करने के लिए स्थानीय पुलिस आज से सक्रिय हो सकती है। गैंग के तार मध्य प्रदेश सहित देश के 18 राज्यों से तार जुड़े होने के कारण स्टेट सायबर सेल भी इस मामले में एक्टिव हो गया है। बालाघाट पुलिस ने इस संबंध में सायबर सेल को भी जानकारी भेजी है।
बालाघाट पुलिस ने इस मामले का हाल ही में खुलासा किया है। इस खुलासे में पता चला कि यह गैंग ओटीपी और क्रेडिट कार्ड के जरिए यह धोखाधड़ी करती है। इस धोखाधड़ी बदमाशों का नेटवर्क आॅनलाईन मार्केटिंग कर सामान खरीदता है। इस सामान को बाजार में खपाता है। इस पूरी गैंग की चार लेयर बताई जाती है। जिसमें एक लेयर लोगों को मोबाइल लगाकर ओटीपी आदि की जानकारी लेता है। दूसरी लेयर वाली गैंग के बैंक खातों की व्यवस्था करता है। तीसरी लेयर वाली गैंग आॅनलाइन सामान खरीदारी करती है। जबकि चौथी लेयर इस माल को बाजार में खपाती है।
