बरसात के मौसम में पेयजल स्त्रोतों का किया जा रहा है क्लारोनीकरण

बलरामपुर
मानसून के दौरान पानी से होने वाली बीमारियों की संभावनाएं बढ़ जाती है तथा लोग दूषित जल के सेवन से उल्टी, दस्त एवं अन्य मौसमी बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं। जरूरी है कि बरसात के दिनों में के साफ और पीने योग्य पानी का ही सेवन किया जाये। नमी के कारण बारिश के मौसम में बीमारियों के फैलने की अनुकूल परिस्थितियां उत्पन्न होती है तथा थोड़ी भी लापरवाही से लोग बीमार हो सकते हैं। बारिश के दिनों में परिवेश की साफ-सफाई के साथ ही शुद्ध पेयजल, ताजे व गर्म भोजन का सेवन करना चाहिए।

कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने जिले में भौगोलिक रूप से दूर-दराज के बसाहटों को विशेष ध्यान रखते हुए पेयजल स्त्रोतों का क्लोरोनीकरण करने के निर्देश दिये थे। उन्होंने समस्त एसडीएम व जनपद सीईओ से ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल के उपयोग के लिए लोगों को जागरूक करने तथा पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर व क्लोरिन उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही कहा कि स्वास्थ्य कार्यकतार्ओं व मितानिन के पास जलजनित बीमारियों के लिए जरूरी व प्राथमिक उपचार की दवाईयां उपलब्ध करा दी जाये।

जिले के समस्त विकासखण्डों में मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए पेयजल स्त्रोतों का क्लोरोनीकरण का कार्य किया जा रहा है। कुआं, हैण्डपम्पों आदि पेयजल स्त्रोतों का उपचार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा स्वास्थ्य विभाग के कार्यकतार्ओं द्वारा किया जा रहा है। सभी अनुभाग के एसडीएम भी पेयजल शुद्धता के कार्यों का स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं ताकि जलजनित बीमारियों का फैलाव न हो।

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