चौका चुल्हा और रसोई में काम करने वाली महिला समूह ने किया कमाल-प्रिंटिग प्रेस से जुड़ कर कमाए लाखों रूपए

कवर्धा
रसोई के कामकाज और अपने घर के आपसास की महिलाओं के बीच  दिन भर समय बिताने वाले कबीरधाम जिले के एक छोटे से गांव की यह महिलाएं अब ग्रामीण आजीविका से जुड़ कर सरकारी कामकाज के लिए रजिस्टर और प्रिंटिंग के काम कर रही है।  बोड़ला विकासखण्ड के ग्राम राजानंवागांव और आसपास गांव के दस महिलाए अपने जीवन को बदलने के लिए गौरी स्व. सहायता समुह तैयार की। सरकारी मदद से इस महिला समूह को प्रिंट प्रेस के कामकाज के लिए प्रशिक्षण दिया गया।

समुह को राजानवागांव में संचालित भोरमदेव आजीविका परिसर से जोड़ा गया। प्रशिक्षण लेने के बाद समुह ने प्रिंटिंग प्रेस के कामकाज की शुरूआत की। महज छ: माह के भीतर इस समूह को जिले के लभगभ पांच सौ से अधिक समूहों के लिए रजिस्टर और अन्य स्टेशनरी तैयार करने का आर्डर मिला। समुह ने दिनरात कड़ी मेहनत कर महिला समूह द्वारा उपयोग किए जाने वाले पांच प्रकार के रजिस्टर का बाइंडिंग, पिनिंग, नंबरिंग, कटिंग, बैठक की कार्यवाही पुस्तिका, लेनदेन पत्रक, लेजर रजिस्टर, मासिक प्रतिवेदन और व्यक्तिगत सदस्य पासबुक तैयार की। गौरी कृपा महिला स्वसहायता समूह ने अपने सभी आर्डर पूरे किए। इस काम में गौरी कृपा महिला स्वसहायता समूह को लगभग एक लाख तीस हजार रूपए की शुद्ध आमदनी हुई है। गौरी कृपा महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती शोमी श्रीवास ने कवर्धा में आयोजित 224 करोड़ 74 लाख रूपए के लोकार्पण और भूमिपूजन के दिन वीडिया कांफ्रेसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से वनटूवन बात करते हुए अपने प्रिंटिंग प्रेस के काम काज की जानकारी दी। उन्होने सरकारी मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री बघेल के प्रति आभार भी व्यक्त की।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर स्व. सहायता समूह की महिलाएं अपने काम और गतिविधियों को उद्योग के रूप में आगे बढ़ा रही हैं। कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला के ग्राम राजानवागांव स्थित भोरमदेव आजीविका परिसर में गौरी स्व. सहायता समूह द्वारा संचालित प्रिंटिंग प्रेस का काम आर्थिक लाभ के लिए एक बड़ा जरिया बन गया है। प्रिंटिंग प्रेस कार्य के बारे में जानकारी देते हुए समूह की अध्यक्ष श्रीमती शोमी श्रीवास ने बताया कि पिछले 6 माह से उनके द्वारा समूह के उपयोग के लिए रजिस्टर तैयार किया जा रहा है। इस काम को करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा समुह को प्रशिक्षित किया गया और लगातार प्रोत्साहित करते हुए इसमे बिजनेस की संभावना को बताया गया। यही वहज है कि आज हमारे द्वारा तैयार किया हुआ रजिस्टर कबीरधाम जिले के सभी विकास खंडो की महिला समूह उपयोग में ला रही हैं इससे हमारा भी फायदा हो रहा है।  प्रति सेट मार्जिन मनी मिलाकर लगभग एक लाख तीस हजार रूपए का शुद्ध फायदा हुआ है जो कि हमारे लिए उत्साहवर्धन होने के साथ हमारे लघु उद्योग को और आगे बढ़ाने में मददगार सिद्ध होगा। अब हम स्क्रीन प्रिंटिंग के काम में आगे बढ?े की योजना बना रहे है, जिससे आस-पास के क्षेत्र का कार्ड प्रिंट सहित और काम मिल सके। 

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