शिक्षकों की कमी से जूझ रहा MIT, अनुपात के फेर में 5 विभागों को नहीं मिली एनबीए की मान्यता

 मुजफ्फफपुर 
नामांकित छात्रों के हिसाब शिक्षकों की कमी के कारण एमआईटी के पांच विभागों को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (एनबीए) से मान्यता नहीं मिली है। मार्च में एमआईटी में एनबीए की की ओर से मूल्यांकन के लिए टीम आयी थी। इसके बाद एनबीए ने कॉलेज को दूसरी रिपोर्ट भेजी गई है। इससे पहले पिछले महीने भेजी गई रिपोर्ट में एमआईटी के सिविल डिपार्टमेंट को एनबीए से मान्यता मिली थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि किस कारण कॉलेज के पांच डिपार्टमेंट को मान्यता नहीं मिल सकी है।

 इस रिपोर्ट में सिविल डिपार्टमेंट को एक हजार में 700 अंक दिए गए हैं। सिविल डिपार्टमेंट की इस उपलब्धि पर तमाम शिक्षक व छात्रों में खुशी है। सिविल डिपार्टमेंट को फिलहाल दो वर्ष के लिए मान्यता मिला है। मूल्यांकन के बाद एनबीए से मान्यता हासिल करने के लिए कम से कम 600 अंक जरूरी होता है। सिविल डिपार्टमेंट को छोड़ कर अन्य पांच विभाग 20 से 64 तक अंक कम होने के कारण मान्यता चूक गये। इसका मुख्य कारण छात्रों और शिक्षकों के अनुपात में कमी बताया गया है। 20 छात्रों के अनुसार एक शिक्षक की उपलब्धता होनी चाहिए। लेकिन, इन विभागों में ऐसा नहीं है।

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