रांची में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर संकट, कोयले पर बढ़ी निर्भरता
रांची
कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में लगातार हो रही भारी वृद्धि ने रांची के होटल और रेस्टूरेंट कारोबार को संकट में डाल दिया है। बढ़ती लागत के कारण संचालकों ने अब गैस की जगह कोयले का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि गैस सिलिंडर का उपयोग अब केवल छौंक लगाने तक सीमित रह गया है। शहर में 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत (Commercial Gas Cylinder Price) बढ़कर 3250.50 रुपये पहुंच गई है।
एक मई को केंद्र सरकार द्वारा कीमत में 994 रुपये की भारी बढ़ोतरी (LPG Price Hike May 2026) की गई, जिससे होटल व्यवसायियों की चिंता और बढ़ गई। जनवरी 2026 में यह कीमत 1733 रुपये थी, जो महज चार महीनों में दोगुनी हो गई है।
कमर्शियल गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों ने होटल उद्योग की कमर तोड़ दी है। यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो इसका असर न सिर्फ कारोबार, बल्कि आम ग्राहकों की जेब पर भी लगातार पड़ता रहेगा।
वहीं कुछ होटल व रेस्टूरेंट संचालकों ने बताया कि स्थिति में अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो होटल व रेस्टूरेंट बंद करना भी पड़ सकता है।
हर महीने बढ़ती रहीं कीमतें
गैस सिलिंडर की कीमतों में हर महीने इजाफा हुआ है। जनवरी और फरवरी में 111.50 रुपये, मार्च में 144 रुपये, अप्रैल में 218.50 रुपये और मई में अचानक 994 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह 47.5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत भी बढ़कर 8120 रुपये हो गई है।
कोयले पर बढ़ी निर्भरता
गैस की बढ़ती कीमतों के चलते होटल संचालकों ने अब कोयले का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। रांची के बाजार में 20 किलो कोयले की बोरी 260 से 300 रुपये (Coal Price in Ranchi) में मिल रही है।
रेस्टूरेंट व होटल संचालकों ने बताया कि एक सप्ताह में लगभग 1500 रुपये और महीने में 4000 से 5000 रुपये तक का कोयला जलाया जा रहा है।
मेन्यू महंगा, ग्राहकों पर बोझ
बढ़ती लागत का असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है। होटल और रेस्टूरेंट संचालकों ने खाने के हर आइटम पर 20 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने के कारण यह कदम उठाना मजबूरी बन गया है।
होटल संचालकों का आरोप है कि पहले से ही कमर्शियल गैस सिलिंडर की उपलब्धता एक बड़ी समस्या थी। कई बार उन्हें ब्लैक में महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदना पड़ता था। अब कीमतों में बढ़ोतरी के बाद यह समस्या और गंभीर हो गई है।
बड़े होटल अभी कर रहे मंथन
शहर के बड़े होटलों ने फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। उनका कहना है कि उनके पास अभी पुराना स्टाक मौजूद है। स्टाक खत्म होने के बाद ही मेन्यू की कीमतों में बदलाव पर निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, कई शहर के बड़े होटल संचालकों ने बताया कि उनके पास पीएनजी की सर्विस है, जिसके कारण उन्हें एजपीजी गैस सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
गैस सिलिंडर महंगा होने के बाद लोग कोयला पर निर्भर हो गए है। लेकिन अगर कोयला की कीमत में भी इजाफा हुआ तो लोग दुकान बंद करने पर मजबूर होंगे। मध्य दर्जे के रेस्टूरेंट गैस सिलिंडर की संकट से जूझ रहे हैं। – प्रसंजीत मंडल, मैनेजर, बिरियानी बाय ब्रोस, बहुबाजार
