देश में 24 घंटे में सामने आए 1.65 लाख नए केस, 3460 लोगों ने तोड़ा दम, कोरोना की स्पीड हुई स्लो
नई दिल्ली
पूरे भारत में कोरोना वायरस की रफ्तार में कमी आई है। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 1,65,553 नए केस सामने आए हैं और 3,460 लोगों ने दम तोड़ा है।जिसके बाद पॉजिटिव मामलों की संख्या 2,78,94,800 पहुंच गई है और मौत का आंकड़ा 3,25,972 हो गया है। 24 घंटों के दौरान 2,76,309 लोग अस्पताल से ठीक होकर घर भी लौटे हैं। इस वक्त देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 21,14,508 है तो वहीं भारत में अभी तक 21,20,66,614 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। पिछले 24 घंटे में 30,35,749 लोगों को कोरोना का टीका लगा है।
राजधानी में भी कोरोना के केस कम हुए हैं, हालांकि दिल्ली सरकार ने राजधानी में लॉकडाउन 7 जून सुबह 5 बजे तक के लिए बढ़ा दिया है। लेकिन दिल्ली में 31 मई से अनलॉक की प्रक्रिया की शुरुआत हो रही है इसलिए कंस्ट्रक्शन गतिविधियों और फैक्ट्रियों को सोमवार सुबह से खोला जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दिल्लीवासियों की पूरी मेहनत शामिल है, उन्हीं की वजह से दिल्ली में कोरोना के मरीज कम हुए हैं। इसलिए अब राजधानी धीरे-धीरे अनलॉक के लिए रेडी हो गई है और इसी वजह से कंस्ट्रक्शन गतिविधियों और फैक्ट्रियों को मंडे सुबह से खोल दिया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कही ये बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा था कि कोरोना के प्रकोप ने अप्रत्याशित तरीके से स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग है। उन्होंने कहा हमारी स्वास्थ्य सुविधाएं और कार्यबल की अब कोई कमी नहीं है। यह पढ़ें: प्राइवेट अस्पतालों के होटलों के साथ मिलकर वैक्सीनेशन पैकेज देने पर केंद्र सरकार सख्त केंद्र ने दी सख्त हिदायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कहा है कि भी प्राइवेट हॉस्पिटल बड़े होटलों के साथ मिलकर वैक्सीनेशन पैकेज दे रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि यह वैक्सीनेशन गाइडलाइन के खिलाफ है। बढ़ रहे हैं ब्लैक फंगस के मामले हालांकि कोरोनी केस में जहां कमी आई है, वहीं दूसरी ओर ब्लैक फंगस के मामले बढ़े हैं।
राजधानी में अकेले ही 200 से ज्यादा मामले रिपोर्ट किए गए हैं, लोकनायक अस्पताल के डॉक्टर डॉ. सुरेश कुमार( एमडी) ने कहा कि उनके अस्पताल में अभी ब्लैक फंगस के 55 मरीज भर्ती हैं। ये फंगस बहुत खतरनाक होता है। इसका इलाज लंबा और मुश्किल होता है , इसलिए सभी को एहतियात बरतने की जरूरत है।
