बीटेक और एमबीए कर बने यूपी पुलिस में सिपाही, एमएससी और बीएससी वालों की है भरमार
मुरादाबाद
बीटेक और एमबीए डिग्री धारक नौकरी के लिए भटक रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को पीएसी की तीनों वाहिनियों में दीक्षांत परेड में देखने को मिला। पास आउट हुए तीस फीसदी बीटेक और एमबीए की डिग्री धारक निकले। एमएससी और बीएससी पास वालों की तो भरमार थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि पुलिस विभाग का अंग बने डिग्री धारक पुलिस वालों का प्रयोग तकनीक में किया जाएगा।
शुक्रवार को नवी, 23वी और 24वी वाहिनी पीएसी में दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान 402 सिपाही पास आउट हुए। 23वी वाहिनी में 149, 24वी वाहिनी में सौ और नवी वाहिनी पीएसी में 153 सिपाही पास आउट हुए। पुलिस अधिकारियों द्वारा इनका एजूकेशन रिकार्ड खंगाला तो वह अवाक रह गए। तीस फीसदी से अधिक सिपाही हाइली क्वालीफाइड निकले। बात यदि सिर्फ 23वी वाहिनी पीएसी की करें तो 149 सिपाहियों में हापुड़ के मोहित कुमार, शामली के अजय कुमार, मेरठ के अमनदीप, सहारनपुर के नितिन कुमार व हापुड़ के रवि सैनी कंप्यूटर साइंस से बीटेक की डिग्री हासिल कर चुके थे। सभी ने डिग्री हासिल करने के बाद प्राईवेट जॉब की, मगर सेलरी अच्छी नहीं मिलने के कारण जॉब छोड़कर सिपाही बने। इसी प्रकार आठ लोग एमबीए की डिग्री हासिल कर चुके थे। इन्होंने भी प्राइवेट नौकरी करने की जगह सिपाही की नौकरी करना पसंद किया।
