30 को मोदी सरकार के पूर्ण होंगे 7 साल, छग में भाजपा चलाएगी सेवा ही संगठन अभियान
रायपुर। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 30 मई को जहां 7 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं उसी के उपलक्ष्य में पूरे देश में कोविड नियमों का पालन करते हुए सेवा ही संगठन अभियान के तहत भाजपा के कार्यकर्ता गांव/गांव पहुंचेंगे। इसी के तहत छत्तीसगढ़ भाजपा के कार्यकर्ता भी 5 हजार गांवों में पहुंचकर वहां वैक्सीनेशन के नाम पर फैली भ्रम की स्थिति को दूर करने का प्रयास करेंगे। वहीं दूसरी ओर बंगाल में जिस प्रकार से ममता बैनर्जी की सरकार के द्वारा भाजपा कार्यकतार्ओं के ऊपर हमला बोला जा रहा है उसके विरोध में 2 जून को पूरे देश भर में वर्चुअल रैली निकाली जाएगी।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश भाजपाध्यक्ष श्री विष्णुदेव साय कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 7 वर्ष इस 30 मई को पूरे हो रहे हैं। यह अवसर देश के लिए गौरव का है. अभी कोविड के हालात के कारण पार्टी के शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व ने किसी तरह का उत्सव नहीं मनाने का निर्णय लिया है. पर सेवा ही संगठन अभियान के तहत इस अवसर पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गांव-गांव तक पहुचेंगे. पार्टी ने इस अवसर पर निम्नलिखित अभियान हाथ में लिए हैं जिनमें पार्टी ने देश भर में 1 लाख गाँवों तक पहुंचना तय किया है, इसमें से छत्तीसगढ़ में 5 हजार गावों तक पहुचेंगे. प्रदेश में यह कार्यक्रम 31 मई को होगा. यहां पर कोरोना के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाएंगे. स्वच्छता अभियान. आॅक्सीजन एवं तापमान आदि जांच कर स्क्रीनिंग आदि। क्योंकि कांग्रेस के दुष्प्रचार के कारण खासकर छत्तीसगढ़ में वैक्सीन के बारे में काफी भ्रम की स्थिति निर्मित हुई है। अत: हमारा प्रयास होगा कि इस अवसर पर अधिकाधिक जागरुकता फैला कर जनता को टीकाकरण के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित किये जाएँ।
इन गावों और सेवा ही संगठन अभियान तहत फूड पैकेट, सूखा राशन किट आदि बांटना. मास्क, सेनीटाईजर आदि का वितरण करना है। कोविड प्रभावित परिवारों से मिलना. इस महामारी से दिवंगत हुए व्यक्तियों के परिवार तक पहुँच उन्हें सांत्वना देना, संवेदना प्रकट करना, साथ ही उनकी किस तरह से सहायता की जा सकती है, इसकी भी जानकारी लेना और समाधान की कोशिश करने भाजपा प्रयत्न करेगी। राज्य सरकार से भी यह मांग करते हैं कि कोरोना पीड़ितों के प्रति वह संवेदनशील हो। अन्य प्रदेशों ने इस मामले में काफी कुछ किया है, यहां भी कोरोना से दिवंगत हुए परिवारों को 5 हजार प्रति माह पेंशन, रेहडी-पटरी वालों को पुनर्वास, उन्हें सहायता देना, आंगनवाडी-मितानिन समेत सभी को जो भी शासकीय कर्मचारी हताहत हुए हैं, उनके परिवार को नियुक्ति दिए जाएँ। बड़ी संख्या में शिक्षक दिवंगत हुए हैं, उनके लिए भी अनुकम्पा नियुक्ति समेत तमाम सहायता दिए जाएँ। भाजपा के दबाव में भले कांग्रेस ने अनुकम्पा नियुक्ति पर लगी दस प्रतिशत के सीलिंग को शिथिल किया है, लेकिन यह महज घोषणा न रह जाए इसे शीघ्र अमल में लाये जाएँ। पत्रकार और मीडिया से जुड़े सभी लोगों को पर्याप्त सहायता दिए जाएँ. इनमें से कुछ घोषणाएं की भी है, उसे महज घोषणा तक सीमित न रखें जाएँ। हम प्रदेश में कोविड प्रभावित परिवारों का एक डाटाबेस भी तैयार करने के प्रयत्न करेंगे।
केन्द्रीय नेतृत्व ने यह भी तय किया है कि इस अवसर पर देश भर में रक्तदान शिविर भी विभिन्न मोर्चों द्वारा आयोजित किये जायेंगे. इसके अलावा एक दूसरा महत्वपूर्ण विषय बंगाल हिंसा से सम्बंधित है. जैसा कि हम सब जानते हैं कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने इस विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र 3 सीट से बढ़ कर हम 76 सीटों पर जीतने में सफल हुए हैं. यह एक कीर्तिमान है. बंगाल में आजादी के बाद से लेकर अब तक शासन करने वाली कांग्रेस/वाम ने ममता बनर्जी सरकार के साथ अघोषित गठजोड़ नहीं कर लिया होता तो आज भाजपा वहां सत्ता में होती. कांग्रेस और कम्युनिस्ट दोनों दलों को शून्य पर समेटना और वहां अपनी सीटों में 25 गुना से अधिक वृद्धि कर 33 प्रतिशत से अधिक वोट पाना भाजपा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वामपंथी सभी भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत को पचा नहीं पा रहे हैं। बिलकुल कम्युनिस्ट तौर तरीके अपना कर ममता बनर्जी जी की पार्टी ने जीत हासिल करते ही जिस तरह हिंसा का तांडव मचाया है, वह घृणित है. लगातार भाजपा कार्यकतार्ओं की नृशंस ह्त्या, दुष्कर्म, लूट, उनके घर जलाना आदि राज्य प्रायोजित हिंसा से बंगाल तबाह हो रहा है। इस संबंध में दो जून को दोपहर 12 से 1.30 बजे तक विशाल वर्चुअल रैली आयोजित की जायेगी.इसके खिलाफ भाजपा ने बड़े स्तर पर आन्दोलन करने का निर्णय लिया है. कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह अभी फिलहाल वर्चुअल माध्यम से ही किये जायेंगे।
