देश में टीकाकरण की धीमी रफ्तार के लिए केवल राज्य सरकारें जिम्मेदार- डॉ. वीके पॉल

नई दिल्ली
नीती आयोग के सदस्त और भारत के शीर्ष कोविड-19 सलाहकार डॉ. वीके पॉल ने टीकाकरण की कमी को लेकर राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि राज्यों ने टीकाकरण को लेकर अधूरी तैयारी से अवगत होने के बावजूद केंद्र सरकार को टीकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मजबूर किया। वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय अधिकार प्राप्त समूह के अध्यक्ष डॉ. पाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा वैक्सीन की सप्लाई जनवरी से अप्रैल तक केंद्र द्वारा की जा रही थी और उस दौरान टीकाकरण अच्छी तरह हो रहा था, लेकिन मई में यह अपने तय लक्ष्य से काफी पीछे हो गया।
 
केंद्र सरकार ने वैक्सीनों की आपूर्ति के लिए वैक्सीन निर्माताओं को फंडिंग करना, अप्रूवल में तेजी लाना, उत्पादन में तेजी लाना और विदेशों से टीकों का आयात करना जैसे तमाम प्रयास किये। पीआईबी द्वारा मिथ्य बनाम फैक्ट्स प्रश्नावली के रूप में जारी किए गए उनके नोट में कहा गया है कि, 'केंद्र द्वारा खरीदा गया टीका लोगों को एकदम मुफ्त में लगाने के लिए उसकी आपूर्ति राज्यों को की जाती है। राज्य इसे अच्छी तरह जानते हैं। भारत सरकार ने राज्यों को केवल उनके स्पष्ट अनुरोध पर टीकों की खरीद का प्रयास करने में सक्षम बनाया है। राज्यों को अच्छी तरह पता था कि देश में उत्पादन क्षमता और विदेशों से सीधे टीके प्राप्त करने में क्या कठिनाइयां हैं।'

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