जेल में 18 महीनों से मुलाकात बंद, परिजनों को देखने के लिए बंदियों के तरसे नयन

पूर्णिया  
बंदी अपने परिजनों का चेहरा देखने के लिए डेढ़ साल से तरस गए हैं। कोरोना की वजह से जेल प्रशासन के द्वारा मुलाकात ही बंद करवा दी गई है। सिर्फ वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग के जरिए ही परिजनों से बात करने की इजाजत कारा प्रशासन को दिया गया है। कारा से सही तरीके से वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग नहीं होने की वजह से कई बंदी अपने परिजनों से बात करने के लिए मुद्दत से इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय कारा में 18 सौ से अधिक बदी हैं, जिनमें 500 के सजायाफ्ता कैदी है।  सजायाफ्ता कैदी पिछले कई सालों से जेल में बंद हैं और परिजनों से बात नहीं होने और मुलाकात नहीं होने की वजह से मानसिक रोग के भी शिकार होने लगे हैं।  इनमें से कई ऐसे बंदी हैं जिन्हें गंभीर बीमारी है और कई बुजुर्ग कैदियों की स्थिति अच्छी नहीं है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बाधा
बंदियों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने  की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसका संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को महज तीन ही बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परिजनों से बात करवाई गई। यह सिलसिला अमूमन प्रतिदिन का रहता है।  किसी किसी दिन तो एक भी बंदी अपने परिजन से बात नहीं कर पाते हैं। यह  व्यवस्था कारा प्रशासन के द्वारा जरूर की गई है लेकिन कुछ तकनीकी खामियों और सही समय पर परिजनों के द्वारा फोन नहीं किए जाने की वजह से वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग सुचारू रूप से नहीं हो पाता है। प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की रिपोर्ट बनाकर विभाग को भी भेजी जाती है। 

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