भाजपा प्रभारी का दो टूक, व्यक्ति के बजाय मुद्दा आधारित होना चाहिए कोई भी पार्टी कार्यक्रम

रायपुर।  टूलकिट केस पर पार्टी के प्रदर्शन के तौर तरीकों से  प्रदेश संगठन प्रभारी शिवप्रकाश के खफा होने की खबर कोर ग्रुप की बैठक के बाद बाहर निकल कर आते ही पार्टी नेताओं में असमंजस की स्थिति देखी जा रही है क्योंकि काफी अरसे बाद पार्टी ने चाहे जैसे भी हो एकजुटता दिखाई थी जब मंच पर डा.रमनसिंह के साथ तमाम बड़े नेता साथ थे। हर जिला व ब्लाक स्तर पर कार्यकतार्ओं ने थाने के बाहर इस मामले पर अपना विरोध जताया। लेकिन बात कहां बिगड़ी यह पता चल रहा है कि शिवप्रकाश ने दो टूक कह दिया कि पार्टी का कार्यक्रम व्यक्ति के बजाय मुद्दा आधारित होना चाहिए,संगठन प्रभारी ने पार्टी में चल रहे परिवारवाद पर भी नाराजगी जताई। उन्होने यह भी कहा कि आखिर पार्टी नेता पिछली हार के बाद भी सबक क्यों नहीं ले रहे हैं। हालांकि इस नाराजगी जैसी बात को प्रदेश के बड़े संगठन नेता नकार रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री, और प्रदेश संगठन प्रभारी शिव प्रकाश अचानक रायपुर पहुंचे। उन्होंने कोर ग्रुप की बैठक ली। उन्होंने टूलकिट मामले में रमन सिंह, और संबित पात्रा के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पार्टी के धरना-प्रदर्शन, आंदोलन के तौर तरीकों पर नाराजगी जताई।उन्होंने महामंत्री (संगठन) पवन साय को भी आड़े हाथों लिया, शिवप्रकाश ने कहा कि कोई भी धरना-प्रदर्शन मुद्दा आधारित होना चाहिए, न कि व्यक्ति आधारित। कोर ग्रुप के कुछ सदस्यों ने उन्हें यह बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता भूपेश सरकार में काफी प्रताड़ित हो रहे हैं। भूपेश सरकार के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ रही है। शिवप्रकाश ने परिवारवाद पर जमकर नाराजगी जताई। विशेषकर बड़े भाजपा नेता अपने पुत्र-पुत्रियों को पद दिलाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। शिवप्रकाश ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए।

हालांकि इस नाराजगी जैसी बात को प्रदेश के बड़े संगठन नेता नकार रहे हैं। प्रदेश संगठन प्रभारी ने कोरोना महामारी के दौरान  पार्टी कार्यकतार्ओं के सेवा कार्यों की समीक्षा की। साथ ही अन्य प्रदेशों में पीड़ित परिवारों के मदद के लिए काम हो रहे हैं, उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी होना चाहिए। जल्द ही इसको लेकर पार्टी मांग पत्र तैयार करेगी।  बैठक के बाद भी वे कुछ अलग अलग समूहों में चर्चा कर जानकारी लेते रहे। बताया जाता है कि अभी राज्य भाजपा के नेता पूरी तरह से शिवप्रकाश के तेवर को भांप नहीं पाये हैं। क्योंकि पद मिलने के बाद उनका ज्यादा छत्तीसगढ़ आना नहीं हो पाया है। इसलिए बताया तो यह भी जा रही है कि टूल किट मामले पर डा.रमनसिंह व अन्य नेता सीधे दिल्ली से संपर्क बनाये हुए हैं।

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