खंडन के विरोध में कांग्रेस ने पूरे देश में कराई हैं एफआईआर दर्ज
रायपुर। कोविड टूलकिट मामले में आज छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मीडिया के समक्ष बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि बीबीसी, एनडीटीवी और आॅल्ट न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया हैं कि भाजपा ने टूलकिट मामले में कांग्रेस के फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल करते हुए उसमें बड़ा बदलाव किए थे। इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में संबित पात्रा, जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी और रमन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया है। वहीं तीनों मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट के बाद ट्विटर ने संबित पात्रा और डा. रमन सिंह के ट्वीट को मेनूपुलेटेड मीडिया करार दे दिया हैं।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए मरकाम ने कहा कि आरएसएस और भाजपा के लोग कांग्रेस की कोविड टूलकिट के नाम पर किस तरह देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे है यह पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। आरएसएस भाजपा की साजिश को ट्वीटर समेत विभिन्न स्वतंत्र मीडिया मंचों ने अपने रिसर्च के जरिये ही उजागर कर दिया है। टीम भारत नाम के ट्वीटर हैण्डल से दो ट्वीट किये गये। एक में कांग्रेस के सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट से जुड़े 4 पन्ने थे। दूसरे ट्वीट में कोविड-19 टूलकिट के नाम से कूटरचित कंटेंट शेयर किया। भाजपा के संबित पात्रा, जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी, रमन सिंह जैसे लोग कांग्रेस की कोविड टूलकिट के जिस ट्वीट को शेयर कर रहे हैं, उसके दस्तावेज कूटरचित फर्जी है।
इन स्वतंत्र मीडिया अनुसंधानों ने यह बात साफ हो गयी है कि कोविड-19 टूलकिट के नाम से भाजपाई जिन 4 पन्नों को धड़ल्ले से शेयर कर रहे है वो पूरी तरह से फर्जी है। इन फर्जी कांग्रेस पार्टी के जाली लेटरपैड पर कूटरचित 4 पन्नों में कथित रूप से कांग्रेस कार्यकतार्ओं और समर्थकों से जो अपील की जा रही है कि वो विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच उन्मांद फैलाने की संघी साजिश है। इसमें कांग्रेस के नाम पर कूटरचना कर सुपर स्प्रेडर कुंभ, ईद के नाम पर जमा होने वाली भीड़ के नाम पर कुछ न कहे यह भारत में पाये गये नये कोविड वेरियेंट के लिये मोदी स्टेंड लिखने की सलाह जैसे बाते भाजपाईयों द्वारा फैलाई जा रही है।
कांग्रेस ने तत्काल इस संघी भाजपाई साजिश के खिलाफ हल्ला बोला, इसका खंडन किया देश भर में इस साजिश के विरूद्ध एफआईआर करवाई। कांग्रेस ने जैसे ही इस भाजपाई साजिश का पदार्फाश किया वैसे ही देश और दुनिया के स्वतंत्र मीडिया मंचों ने इसकी निष्पक्ष पड़ताल शुरू कर दी थी। सबसे पहले तो ट्वीटर ने ही अपनी जांच में इस साजिश को सही पाया और यह पाया कि ट्वीटर पर संबित पात्रा, जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी और रमन सिंह समेत अन्य भाजपाई जो कंटेंट शेयर कर रहे है वह कूटरचित है, तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत की गयी सामग्री है। इसके बाद फेक न्यूज की विश्वसनीय पड़ताल करने वाली चर्चित वेबसाईट आॅल्ट न्यूज से लेकर एनडीटीवी तथा बीबीसी जैसे सुविख्यात मीडिया मंचों ने भाजपा के इस फजीर्वाड़े को उजागर कर बताया कि किस तरह फर्जी लेटरहैड पर कांग्रेस को बदनाम करने के लिये और इस अत्यंत चुनौतीपूर्ण समय में अपनी तमाम आपराधिक नाकामियों से देश और दुनिया का ध्यान बांटने के लिये भाजपा ने कैसा षड?ंत्र रचा था। इन्हीं बीबीसी, एनडीटीवी, आॅल्ट न्यूज जैसे स्वतंत्र मीडिया के पड़ताल के बाद ही ट्वीटर ने संबित पात्रा के ट्वीट किये गये दस्तावेजों को मेनूपुलेटेड मीडिया कहा है।
आॅल्ट न्यूज की इस विस्तृत जांच में सामने आया कि कथित टूलकिट के एआईसीसी रीसर्च डिपार्ट्मेन्ट के लेटरहेड में बदलाव किये गए हैं जिससे इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं। डॉक्युमेंट के कॉन्टेंट की जांच में सामने आया कि ये उन चीजों की बात करता है जो भविष्य में की जाएगी लेकिन ऐसी घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं. भाजपा ने सिर्फ़ टूलकिट के स्क्रीनशॉट्स शेयर किये हैं. लेकिन अब तक उन्होंने मूल डॉक्यूमेंट दृ या माइक्रोसॉफ़्टवर्ड वर्जन नहीं दिखाया है। मूल डॉक्युमेंट के बिना भाजपा का दावा झूठा साबित होता है, खासकर तब जब टूलकिट एआईसीसी के रीसर्च विंग के मूल लेटरहेड का इस्तेमाल कर बनाया गया हो। बीबीसी ने अपनी पूरी पड़ताल और विभिन्न पक्षों की राय जानने के बाद कहा- ऐसे में बीजेपी ने कोविड-19 मिसमैनेजमेंट को लेकर जो डाक्यूमेंट सोशल मीडिया पर शेयर किया है वो कई स्तर पर फर्जी साबित होता है।
