रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर मुख्य सचिव को संसदीय सचिव ने लिखा पत्र

रायपुर। कोरोनाकाल में संक्रमित मरीजों के लिए सबसे अहम माने जाने वाला इंजेक्शन रेमडेसिविर को लेकर एक समय पूरे प्रदेश में हाहाकर मचा हुआ था। धीरे-धीरे केस कम हुए हैं,स्थिति नियंत्रित है। इसलिए फिलहाल मांग भी कम हो गई है। हालांकि इंजेक्शन को लेकर हो रहे गोलमाल की जानकारी लगातार आते रही है। लेकिन जब सत्ता पक्ष के संसदीय सचिव ही किसी अधिकारी पर आरोप लगाये तो मामले की गंभीरता समझी जा सकती है।

स्वास्थ्य विभाग के संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर ने  रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। संसदीय सचिव ने सहायक औषधि नियंत्रक पर आरोप लगाया है। संसदीय सचिव ने नियंत्रक कमलकांत पाटनवार पर साठगांठ का आरोप लगाया है। नियंत्रक कमलकांत पाटनवार पर दवाई कंपनियों के प्रमुखों से साठगांठ का आरोप लगाया है। नियंत्रक की निजी अस्पतालों से भी साठगांठ का आरोप लगाया है। संसदीय सचिव ने 6 बिन्दुओं पर मुख्य सचिव से जांच की मांग की है।

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