देवजी ने कांग्रेस के आठ विधायकों को भेजा मानहानि का नोटिस, 21 दिन में मांगा जवाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व महाप्रबंधक अशोक चतुवेर्दी की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस के अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भेजने वाले कांग्रेस के आठ विधायकों को पूर्व विधायक देवजी पटेल ने मानहानि का नोटिस भेजा है और 21 दिनों के अंदर इसका जवाब भी मांगा हैं।
कांग्रेस विधायकों ने सोनिया को भेजे पत्र में चतुवेर्दी के साथ मिलकर तत्कालीन पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष पटेल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इसके बाद देवजीभाई पटेल ने नोटिस भेजकर कांग्रेस विधायक अनिता शर्मा, इंद्रशाह मंडावी, पारसनाथ राजवाड़े, चंद्रदेव राय, गुलाब कमरों, मोहितराम, गुरुदयाल सिंह बंजारे, विनय जायसवाल से पांच बिंदुओं में जवाब मांगा है। पटेल ने विधायकों को चुनौती दी है कि वे सिद्ध करें कि चतुवेर्दी को प्रबंध संचालक कब बनाया गया। मेरे कार्यकाल में चतुवेर्दी कभी भी प्रबंध संचालक नहीं थे। शिकायत के अनुसार चतुवेर्दी की महाप्रबंधक पद पर पदस्थापना नियम के विरुद्ध की गई। द्वितीय श्रेणी अधिकारी को प्रथम श्रेणी के पद पर बिठाया गया। जबकि वे मूलत: प्रथम श्रेणी के अधिकारी उपायुक्त विकास के पद पर थे। यह तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करें कि पटेल ने कितने करोड़ का भ्रष्टाचार किया? शासन को कितने करोड़ की क्षति पहुंचाई ? कैसे तथा किन-किन व्यक्ति द्वारा कब-कब कितनी राशि दी गई?
विधायक तथ्यात्मक प्रमाण प्रस्तुत करें कि चतुवेर्दी द्वारा चुनावी फंड की राशि पटेल को दी गई है, कब-कब किन-किन चुनाव में? पटेल ने बताया कि सभी विधायकों को मानहानि का नोटिस क्रिमिनल नोटिस जारी किया गया है और 21 दिन में जवाब मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
