भारतीय मुक्केबाजो की ओलंपिक के लिए तैयारी एशियन चैंपियनशिप से होगी
नई दिल्ली
टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके भारतीय शीर्ष मुक्केबाज आगामी एशियन चैंपियनशिप को महत्वपूर्ण मानते हैं। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि टूर्नामेंट को लेकर उनका कहना है कि इस चैंपियनशिप से उनकी ओलंपिक की तैयारी पुख्ता होगी। भारतीय टीम इस चैंपियनशिप के लिए दुबई पहुंच चुकी है। हालांकि, इससे पहले करीब एक घंटे तक सभी खिलाड़ियों को हवा में ही रहना पड़ा, क्योंकि कोई तकनीकि खराबी के कारण विमान जमीन पर लैंड नहीं किया था।
ओलंपिक में जाने वाले अमित पंघाल, विकास कृष्णन, सिमरनजीत कौर और लवलीना बोरगोहेन ने इस टूर्नामेंट को ओलंपिक के लिए अहम बताया। पिछली बार भारत ने साल 2019 में एशियन चैंपियनशिप में सबसे अधिक 13 पदक जीते थे। 24 मई से दुबई में शुरू होने वाली इस चैंपियनशिप में खेलने को लेकर उत्साहित पंघाल (52 किग्रा) ने कहा, 'पिछली बार एशियाई चैंपियनशिप में मैंने अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस बार भी मैंने काफी कठिन अभ्यास किया है। इसमें कई एशियाई मुक्केबाज खेलने आएंगे जिससे ओलंपिक की तैयारी करने में काफी मदद मिलेगी।'
वहीं, विकास कृष्णन (69 किग्रा) ने कहा, 'इस टूर्नामेंट में हमें विश्वस्तरीय मुक्केबाजों के खिलाफ खेलना है। इससे हमें अपना आकलन करने में भी मदद मिलेगी।' उधर, महिला मुक्केबाज बोरगोहेन (69 किग्रा) ने कहा, 'कोरोना संक्रमित होने के कारण मैं इटली के टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाई थी और पिछली बार मार्च में मैंने रिंग में कदम रखा था। ओलंपिक से पहले यह टूर्नामेंट मेरे लिए काफी मायने रखता है क्योंकि इसमें मुझे अच्छे स्तर के मुक्केबाज मिलेंगे और मैचों में खेलने का अभ्यास मिलेगा।' एक अन्य महिला मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) ने कहा, 'यह ओलंपिक से पहले हमारा अंतिम टूर्नामेंट है। मैं हर टूर्नामेंट की तरह इसमें भी अपना शत-प्रतिशत देना चाहती हूं। इससे हमें पता चलेगा कि हम ओलंपिक की तैयारी में किस स्तर तक पहुंचे हैं।'
