ओटीटी से फिल्मों की इकोनॉमी बदली, अब फ्लॉप होने का डर खत्म

कम बजट और बिना स्टार पॉवर वाली फिल्मों के लिए ओटीटी (ओवर दी टॉप) प्लेटफॉर्म वरदान साबित हो रहा है। जो फिल्में मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में लगने के कुछ ही दिनों बाद हटा दी जाती थीं क्योंकि उनके लिए लागत निकालना मुश्किल होता था, ऐसी फिल्में अब ओटीटी के कारण फायदे का सौदा साबित हो रही हैं। कोरोना काल में 5 दर्जन से ज्यादा फिल्में ऐसी हैं, जो सीधे किसी न किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई हैं। मजे कि बात ये है कि इनमें से किसी भी फिल्म पर फ्लॉप का टैग नहीं लगा। सभी फिल्मों ने अपनी लागत से ऊपर ही मुनाफा कमाया है। यानी ये कहा जा सकता है कि कई फिल्म मेकर्स के लिए ओटीटी अब सेफ गेम है। इसके पीछे बड़ा कारण ये है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स कभी अपनी फिल्मों की व्यूअरशिप का डेटा सार्वजनिक नहीं करते हैं। इस कारण ये कहना मुश्किल होता है कि कोई फिल्म हिट है या फ्लॉप। अभिनेत्री नीना गुप्ता ने कहा कि ओटीटी सिर्फ प्रोड्यूसर या दर्शक नहीं, कई सारे कलाकारों के लिए भी वरदान साबित हुआ है। सोचिए, अगर ओटीटी नहीं होता तो इतनी फिल्मों का क्या होता? कितने एक्टर्स और दूसरे लोगों को ओटीटी की वजह से काम मिल रहा है। कई फिल्में ओटीटी की वजह से ही दर्शकों तक पहुंच पाई हैं। यह अभी और बढ़ेगा और बढ़ना भी चाहिए। दूसरा, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स फिल्मों को लागत से ज्यादा कीमत पर खरीदते हैं, ऐसे में फिल्म कभी घाटे में नहीं जाती। जैसे हाल ही में सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ के साथ हुआ। करीब 100 करोड़ की लागत से बनी ये फिल्म 170 करोड़ में जी-5 प्लेटफॉर्म पर बिकी। भले ही ‘राधे’ के रिव्यू नेगेटिव रहे हों, क्रिटिक्स ने भी फिल्म को कुछ खास रेटिंग नहीं दी, लेकिन ये फिल्म कहीं से भी मेकर्स के लिए घाटे का सौदा साबित नहीं हुई। इसके उलट अगर फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होती तो शायद पहले दिन के बंपर कलेक्शन के बाद फिल्म को नेगेटिव पब्लिसिटी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता था।

लॉकडाउन से बदला ओटीटी का हाल
भारत में ओटीटी पर जब फिल्में आनी शुरू हुईं, तब यह माना गया था कि यहां एक्सपेरिमेंटल टॉपिक या बोल्ड कंटेंट वाली फिल्में ही आएंगी। नेटफ्लिक्स की लस्ट स्टोरीज, घोस्ट स्टोरीज और बॉम्बे टॉकीज जैसी फिल्म से इसकी शुरूआत हुई, लेकिन लॉकडाउन ने पूरा दृष्य ही बदल दिया। अभी कुछ महीने तक थिएटर्स 100% आॅक्यूपेसी के साथ खुलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में एक्सक्लूसिव ओटीटी रिलीज की सूची लंबी हो रही है।

इनके लिए था मजबूरी का सौदा
थिएटर बंद होने से ओटीटी पर आना कुछ फिल्मों के लिए मजबूरी भी रही। बड़े स्टार्स की फिल्मों की बात करें तो हॉटस्टार ने अक्षय कुमार की लक्ष्मी के राइट्स 150 करोड़ में खरीदे थे। जबकि जी-5 को राधे की हाइब्रिड रिलीज के राइट्स 225 करोड़ में बेचना तय हुआ था, लेकिन सूत्र बताते हैं कि यह फिल्म थिएटर में रिलीज नहीं हो रही है, यह तय हो जाने के बाद 170 करोड़ पर फाइनल डील हुई थी। ये फिल्में बेशक थिएटर रिलीज में और कमाई कर सकती थीं। दोनों फिल्मों के प्रोड्यूसर घाटे में नहीं रहे, लेकिन सच यही है कि बड़े बजट की फिल्मों के लिए ओटीटी के मुकाबले थिएटर रिलीज ही सही है। इन दोनों फिल्मों पर शायद सुपर हिट या ब्लॉकबस्टर का लेबल लगते-लगते रह गया।

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