मेहर समाज ने की माँग, बीएएमएस की जारी चयन सूची त्रुटिपूर्ण तत्काल निरस्त हो

भिलाई। भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय पुलगांव चौक दुर्ग के राज्य कोटे के बीएएमएस पाठ्यक्रम की रिक्त 70 सीटों पर प्रवेश हेतु संचालनालय द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ में जब लॉकडाउन लगा हुआ है, ऐसी स्थिति में 5 मई 2021 को बीएएमएस के सीटों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किए जाते है। 24 घंटे से भी कम बहुत ही अल्प समय 6 मई 2021 को दोपहर बजे तक आवेदन मंगाकर संचालनालय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा यूनानी सिद्ध एवं होम्योपैथी आयुष छत्तीसगढ़ द्वारा बीएएमएस पाठ्यक्रम हेतु 70 प्रत्याशियों का प्रावीण्य सूची के आधार पर महाविद्यालय में प्रवेश हेतु चयन सूची जारी की गई है। इस प्रावीण्य सूची में शासन द्वारा नियमानुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भी प्रवेश हेतु सूची में शामिल किया जाना था लेकिन 23 आदिवासी एवं 7 अनुसूचित जाति के सीटों पर अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आवंटित कर दिया गया है, जिसके कारण एक भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का चयन नहीं हुआ है!

इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए मेहर समाज के पूर्व प्रवक्ता और भीम रेजिमेंट के दुर्ग संभाग उपाध्यक्ष देवेन्द्र लहरी नें कहाँ की सूची देखकर ऐसा प्रतीत होता है! कि संचालनालय द्वारा जानबूझकर आनन-फानन में बिना अभ्यर्थियों को सूचना दिए जारी कर दिया गया है ज्ञात हो कि आदिवासी समाज सुदूर गांव जंगलों में निवास करते हैं, ऐसी स्थिति में 24 घंटे से केवल 1 दिन का समय में अभ्यार्थियों का इस प्रक्रिया से सम्मिलित हो पाना नामुमकिन है यदि यही स्थिति रहा तो अनुसूचित जाति जनजाति के लिए भारत के संविधान में उल्लेखित अवसर की समता की बात बेमानी लगती है। पूरी चयन प्रक्रिया की जांच हो उक्त सूची को तत्काल निरस्त किया जावें एवं नए सिरे से पुन: आवेदन मंगाकर रिक्त पदों को भरा जाए, जिसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

साथ ही ऐसे महाविद्यालयों के पूरी फीस सरकार वहन करें। जिससे गरीब अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के बीएएमएस में अध्ययन करने के इच्छुक छात्र-छात्राएं शिक्षा से वंचित ना हो सके।जिसकी पुरजोर माँग छत्तीसगढ़ मेहर समाज द्वारा किया जाता हैं!

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