प्राची यादव ने टोक्यो पैरा ओलंपिक का टिकट कटाया

ग्वालियर
मध्य प्रदेश (MP) की पैरा तैराक और केनोअर प्राची यादव ने पैरा ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है. ओलंपिक कोटा पाने वाली प्राची देश की पहली केनोअर हैं. 2019 की रैंकिंग के आधार पर प्राची को महिला केटेगरी में ओलंपिक कोटा मिला है.

ग्वालियर की प्राची यादव पैरा ओलंपिक में कैनो इवेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी. 2019 की रैंकिंग के आधार पर वीएल2-200 मीटर महिला कैटेगरी के लिए उनका चयन किया गया है. प्राची ने दुनिया की टॉप-10  खिलाड़ियों में पैराओलंपिक के लिए जगह बनायी है. वर्तमान में रैंकिंग के हिसाब से वो दुनिया में 10वें नंबर पर हैं.

2007 में शुरू की थी तैराकी

ग्वालियर के बहोड़ापुर में रहने वाली प्राची यादव जन्म से ही दिव्यांग हैं. उनके दोनों पैर ठीक नहीं हैं. प्राची ने 9 साल की उम्र में एक्सरसाइज के तौर पर 2007 में तैराकी शुरू की थी. पहले ही प्रयास में वो तैराकी चैंपियनशिप तक पहुंच गयीं. अपने आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने तैराकी में जूनियर कैटेगरी में गोल्ड जीता था. घर की कमजोर आर्थिक स्थिति ने प्राची को खेल से दूर कर दिया. फिर 8 साल बाद प्राची ने खेल में वापसी की.

क्याकिंग और केनोइंग में आजमाया हाथ

8 साल की वापसी के बाद प्राची ने कैनोइंग और कयाकिंग में भाग्य आजमाया. वो ग्वालियर से भोपाल आयीं और 2018 में भोपाल के छोटे तालाब में प्रैक्टिस करना शुरू किया. तैराकी से जुड़े होने के कारण प्राची को प्रैक्टिस में ज्यादा वक्त नहीं लगा. और अगले ही साल 2019 में पहली नेशनल चैंपियनशिप में 1 गोल्ड 1 सिल्वर हासिल कर लिया. उसके बाद अगस्त 2019 में हंगरी में खेले गए पैरा ओलंपिक के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट कैनो इवेंट में वो 8वीं पोजीशन पर रहीं. प्राची का सफलता का सफर जारी रहा. उसके बाद सितंबर में टोक्यो में हुए T20 में 10th पोजिशन हासिल की. प्राची हंगरी टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन के आधार पर पैरा ओलम्पिक खेलने के लिए क्वालिफाई हुई हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *