इंदौर के चिकित्सकों ने ब्लैक फंगस की पहचान व बचाव के लिए जारी किए प्रोटोकाल
इंदौर। इंदौर शहर में कोविड संक्रमण के बाद ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इस बीमारी के संक्रमित पहले एक साल में मिलते थे, वहीं अब इस एक माह में उससे भी अधिक संक्रमित इंदौर में मिल रहे हैं। यही वजह है कि शहर के चिकित्सकों व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की इंदौर शाखा के पदाधिकारियों ने ब्लैक फंगस संक्रमण की पहचान के लिए निर्देश जारी किए और इसके लिए एक प्रोटोकाल भी निर्धारित किया है। ऐसे में जो कोविड मरीज अस्पताल के डिस्चार्ज हो रहे हैं, उन्हें ब्लैक फंगस संक्रमण के बारे में ये जानकारी भी होना चाहिए। आइएमए द्वारा इन प्रोटोकाल को ड्राफ्ट कर नेत्र रोग, इएनटी, चेस्ट रोग, न्यूरोलाजी व एनेस्थीसिया से जुड़े एसोसिएशन व चिकत्सकों को भेजा गया था। उनकी सहमति के बाद ही ये प्रोटोकाल जारी किए गए।
ब्लड शुगर पर विशेष नियंत्रण रखें
जिन कोविड मरीजों को डायबिटिज है या जिन मरीजों के अस्पताल में भर्ती रहने के इलाज के कारण शुगर बढ़ी है। उन्हें डिस्चार्ज होने के बाद भी अपने शुगर की नियमित निगरानी करना चाहिए। दिन में 5 बार शुगर टेस्ट (नाश्ते से पहले / दोपहर के भोजन से पहले / दोपहर के भोजन के बाद / रात के खाने से पहले / रात के खाने के बाद) करना चाहिए।
खानपान में इन बातों का रखें ध्यान
– तरल पदार्थों का पर्याप्त सेवन।
– उच्च कोटि के अधिक प्रोटीनयुक्त आहार और पर्याप्त संतुलित भोजन।
– विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित दवा ही ले, अपने मन से दवा लेने से बचें। अपने मन से या बिना डाक्टर की सलाह के स्टेराइड न लें।
– स्वयं की और आसपास स्वच्छता बनाए रखें।
– आक्सीजन ह्यूमिडिफायर को सलाइन या आरओ पानी से भरा होना चाहिए।
– अगर घर में आक्सीजन थैरेपी हो तो फ्लो-मीटर, आक्सीजन टयूबिंग्स, लाइंस और आक्सीजन मास्क की नियमित सफाई करें।
– नियमित रूप से बीटाडीन गार्गल करें।
– मास्क को समय-समय पर बदलें।
म्युकर मायोसिस के ये प्रारंभिक लक्षण दिखें तो चिकित्सकों की सलाह लें
1. एक तरफ आंख के पास दर्द
2. चेहरे का दर्द
3. चेहरे में सुन्नपन
4. बुखार
5. दुर्गंधयुक्त स्वाद
6. नाक बंद होना या अकड़न
7. नाक से पस, फुलाव, गाढ़ा नीला रक्त निकलना
8. नाक से रक्त निकलना
9. साइनस का दर्द
10. काले निर्वहन के साथ दांत दर्द
11. नाक की सूजन, नाक या तालु में लालपन, सूजन
12. नई खांसी, खांसी मे खून निकलना।
देर से दिखने वाले लक्षण
1. धुंधला या दो-दो दिखना।
2. अचानक दृष्टि कम होना।
3. आंख मे सूजन या आंख बाहर निकलना, पस निकलना
4. चेहरे का पक्षाघात, चेहरे की विषमता या चेहरे की मांसपेशियों या पलकों की कमजोरी
5. लकवा, मिर्गी के दौरे, भूलना
6. चेतना या उनींदापन का स्तर कम होना
