कोरोना की मार से नहीं रुकेगी जिंदगी, बेसहारा परिवारों को 5 हजार रुपए पेंशन देगी सरकार

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना के कारण जिन बच्चों के सिर से पिता और अभिभावक का साया उठ गया है और अब उनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है, ऐसे बच्चों को प्रतिमाह पांच हजार पेंशन दी जाएगी। साथ ही इन बच्चों की निशुल्क पढ़ाई का जिम्मा भी सरकार उठाएगी। इनके पालन पोषण का जिम्मा प्रदेश सरकार का है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान आज शहडोल और रीवा संभाग में कोरोना की समीक्षा के लिए पहुंचे हैं। पहले वे उमरिया होकर शहडोल गए और वहां मेडिकल कालेज और अन्य अस्पतालों में कोरोना मरीजों की उपचार की जानकारी ली। इसके बाद वे रीवा पहुंचे और वहां भी अफसरों और नेताओं की मौजूदगी में समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री का सतना जिले के वसुधा जाने का भी कार्यक्रम है जहां वे पूर्व मंत्री जुगुल किशोर बागरी के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देकर परिजनों को सांत्वना देंगे।

सीएम चौहान ने आज शहडोल और रीवा संभाग की बैठक के लिए रवाना होने से पहले ट्वीट कर कहा कि कलेक्टर, एसपी और जनप्रतिनिधि उनसे मिलने एयरपोर्ट न आएं। मुख्यमंत्री के प्रोटोकाल के बजाय कोरोना प्रोटोकाल का पालन किया जाए।

सीएम चौहान ने कहा किबच्चों के परिवार को पात्रता नहीं होने पर भी फ्री राशन दिया जाएगा ताकि उन्हें भोजन की समस्या से दो चार न होना पड़े। उन्होंने कहा कि कई परिवार ऐसे हैं जिनकी बुढ़ापे की लाठी का सहारा कोरोना ने छीन लिया है। कई मासूम बच्चों के समक्ष पिता का साया उठने से जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई है। इसलिए सरकार ने यह फैसला किया है कि उनकी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों में अगर कोई महिला कमाने के लिए छोटा व्यापार करने की इच्छुक हो तो उसे बिना ब्याज के ऋण दिलाने का काम भी सरकार करेगी ताकि पति और कमाने वाले अभिभावकों को खो चुकी महिलाएं अपना जीवन स्तर सुधार सकें।

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