मई में छाई काली घटा, जमकर बरसे बादल
रायपुर
लाकडाउन में चारों तरफ बस कोरोना की चर्चा हो रही थी कि अचानक पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है और रोज बारिश हो रही है,कुछ हद तक चर्चा का रूख इस ओर मुड़ा। मंगलवार सुबह का नजारा तो मानो अषाढ़-सावन का अहसास करा रहा था। आसमान पर छाई काली घटा और तेज गर्जना के साथ बरसते बादल के बीच बरसात की तरह कई गली मोहल्ले लबालब हो गए। कहीं बिजली चली गई तो कहीं पेड़ गिर गए। लेकिन मौसम का हाल देखें दस बजे के बाद धूप भी खिल गए। मौसम का यह उतार चढ़ाव लोगों को तो समझ नहीं आ रहा है,यह मौसमी बीमारी के रूप मेंं संक्रमित भी कर सकता है। बहरहाल आसमान पर बादल छाये हुए हैं और मौसम एक्सपर्ट की मानें तो अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहेगी।
राजधानी रायपुर समेत भिलाई, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कवर्धा, रायगढ़ जैसे शहरों में मंगलवार की सुबह अचानक तेज बारिश हुई। रायपुर में सुबह के 4 बजे से तेज बरसात हुई थी। कुछ देर थमी बारिश सुबह 7 बजे फिर से शुरू हो गई। शहर के टिकरापारा, सेज बहार, अवंति विहार, देवेंद्र नगर समेत दर्जन भर हिस्सों में सुबह से बिजली भी गुल हो गई। दोपहर के वक्त सुधार के बाद कई हिस्सों में बिजली की सप्लाई शुरू हो पाई। रायपुर की जल विहार कॉलोनी में सड़कें बारिश के पानी से लबालब हो गईं।
मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में 57 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। राजनांदगांव में भी जमकर पानी बरसा है। बस्तर के नारायणपुर में सर्वाधिक 110 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। अन्य कई जगहों पर मध्यम से कुछ भारी और अधिकांश जगहों पर हल्की बारिश तथा बौछारें पड़ी हैं। भीषण गर्मी के इस सीजन में हो रही बारिश से मानसून के पूर्व आगमन जैसा महसूस हो रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीते दो-तीन दिन से बारिश हो रही है। मौसम एक्सपटर््स का कहना है कि भले ही अभी हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी है। बारिश भी हो रही है, लेकिन मानसून की घोषणा के लिए कुछ मापदंड पूरे होने चाहिए। अभी ऐसी परिस्थिति नहीं बनी है लेकिन फिलहाल अगले सप्ताहभर तक प्रदेश में तेज गर्मी पडऩे के कोई आसार नहीं हैं। मौसम इसी तरह का रह सकता है।
