सरकार ने प्रदेश के निजी डॉक्टरों से कोरोना महामारी में स्वैछिक रूप से सेवा देने का किया अनुरोध 

भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार कोरोना महामारी से निपटने के हरसंभव उपाय कर रही है। सरकार ने प्रदेश के निजी डॉक्टरों से अपील की है कि वे स्वैच्छिक रूप से सेवाएं देने के लिए आगे आएं। सरकार ने इसके लिए एक एप बनाया है जिसका नाम रखा हैं " मैं एक डॉक्टर -मैं एक वॉलेंटियर ।" मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के निजी डॉक्टरों से अनुरोध किया है कि वे कोरोना महामारी में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर मदद करें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस समय ना दिन देख रहे हैं और ना रात, 18-20 घंटे लगातार काम कर रहे हैं। उधर यही हाल जमीनी स्तर पर काम कर रहे प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, डॉक्टरों और समाजसेवियों का है। सभी का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही कोरोना पर अंकुश पाया जा सकता है।

अब सरकार ने प्रदेश के निजी डॉक्टरों से कोरोना महामारी में वॉलेंटियर के रूप में स्वैछिक रूप से सेवा देने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के निजी डॉक्टरों से अपील की है कि प्रदेश के नागरिकों को कोरोना के प्रभाव से बचाने में आपकी भूमिका सर्वोपरि है, मध्यप्रदेश सरकार अपनी तरफ से पूरी क्षमता से काम कर रही है। मध्य प्रदेश में 17 मई तक लॉकडाउन की घोषणा, सीएम चौहान बोले तीसरी लहर के लिए अभी से तैयार कोरोना के विरुद्ध इस लड़ाई में मेरी आपसे अपील है कि आप स्वैच्छिक रूप से चिकित्स्कीय सेवा देने के आगे आइये और अपने को एक वॉलेंटियर के रूप में पंजीकृत कर शासन के साथ कंधे से कंध मिलाकर कोरोना के विरुद्ध इस युद्द में अपना अमूल्य योगदान दीजिये। 

प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भी एक ट्वीट करते हुए यही अपील की है उन्होंने लिखा – कोरोना के विरूद्ध इस लड़ाई में डॉक्टर्स स्वैच्छिक रूप से चिकित्सकीय सेवा देने के लिए आगे आएं। "मैं एक डॉक्टर-मैं एक वॉलेंटियर" एप के माध्यम से वे स्वयं को वॉलेंटियर्स के रूप में पंजीकृत करें तथा कोरोना को समाप्त करने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।
 

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