केंद्र सरकार ने अस्पताल में भर्ती करने की राष्ट्रीय नीति में किया बदलाव

नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड रोगियों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की राष्ट्रीय नीति में बदलाव किया है. नई नीति के मुताबिक कोरोना से संक्रमित हर व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है. कोविड-19 के संदिग्ध मामले वाले मरीज को केस की गंभीरता के मुताबिक संदिग्ध वॉर्ड सीसीसी, डीसीएचसी और डीएचसी में भर्ती किया जाएगा. किसी भी मरीज को किसी भी वजह से सेवाएं देने से मना नहीं किया जाएगा. इसमें ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं जैसी दवाएं शामिल हैं, भले ही रोगी किसी अलग शहर का रहने वाला हो.

नई नीति के मुताबिक किसी भी मरीज को उस शहर में, जहां अस्पताल स्थित है वैध पहचान पत्र न उपलब्ध करा पाने में सक्षम न होने पर प्रवेश देने से मना नहीं किया जाएगा. अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर दिया जाएगा. गौरतलब है कि देश में एक दिन में कोविड-19 से रिकॉर्ड 4,187 मरीजों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,38,270 पर पहुंच गई है जबकि 4,01,078 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,18,92,676 हो गए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक 37,23,446 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है जो कुल मामलों का 17.01 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर घटकर 81.90 प्रतिशत हो गई है.

आंकड़ों के मुताबिक बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या 1,79,30,960 हो गई है जबकि संक्रमण से मृत्यु दर 1.09 फीसदी दर्ज की गई है.

देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख को पार कर गई थी. वहीं कोविड-19 मरीजों की संख्या 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के आंकड़े को पार कर गई थी.

इसके बाद 28 सितंबर को कोविड-19 के मामले 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख, 19 दिसंबर को एक करोड़ के पार हो गए थे. भारत ने चार मई को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए दो करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक सात मई तक 30,04,10,043 नमूनों की जांच की गई है जिनमें से 18,08,344 नमूनों की शुक्रवार को जांच की गई.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *