ममता बनर्जी बनीं विपक्ष की मजबूत नेता
नई दिल्ली
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा स्पष्ट रूप से और तत्काल तो नजर नहीं आता है लेकिन फिर भी इन चुनाव नतीजों के कुछ संदेश राष्ट्रीय राजनीति के लिए हैं।पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या राष्ट्रीय राजनीति को भी किसी रूप में प्रभावित करेंगे?
जानकारों की मानें तो इन चुनावों में ममता बनर्जी ने शानदार जीत हासिल कर विपक्ष की एक मजबूत नेता के रूप में अपने को पेश किया है। जिस प्रकार समूची भाजपा, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, सारा तंत्र जुटकर पश्चिम बंगाल चुनाव जीतने में लगा हुआ था और उसके ऊपर दस साल के शासन की स्वभाविक सत्ता विरोधी लहर। लेकिन इसके बावजूद ममता बनर्जी का इन चुनाव में शानदार जीत हासिल करने से यह संदेश गया है कि वह भाजपा से जमकर लड़ी और सफल रही।
देखा जाए तो संसद में भी तृणमूल कांग्रेस ही सरकार की नीतियों के खिलाफ सर्वाधिक मुखर रहती है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस से भी ज्यादा। इसलिए भविष्य में केंद्रीय स्तर पर भी विपक्षी राजनीनिक का केंद्र बिन्दु ममता बनर्जी बन सकती हैं।
