दमोह विधानसभा : दमोह में दो महिलाओं समेत 22 प्रत्याशी मैदान में, मतगणना जारी
दमोह
विधानसभा उप निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 55 दमोह की मतगणना रविवार को पॉलीटेक्निक कॉलेज में सुबह 8 बजे से शुरू हो गई थी। शुरुआती काउंटिंग में कांग्रेस उम्मीदवार अजय टंडन ने भाजपा उम्मीदवार राहुल सिंह लोधी से बढ़त बना ली थी। मतगणना के लिए 26 राउंड में होगी। यहां दमोह में दो महिलाओं समेत 22 प्रत्याशी मैदान में हैं।
इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 289 बूथ हैं। इनमें से 1 से 67 तक ग्रामीण बूथ हैं। फिर 68 से 180 तक शहरी बूथ हैं। उसके बाद 181 से 289 तक फिर से ग्रामीण बूथ हैं। काउंटिंग के लिए 14 टेबल लगाई गई है। सुबह लगभग 10 बजे पहले राउंड का रुझान आया। इसमें कांग्रेस के अजय टंडर 700 वोटों से कांग्रेस आगे हुए। पोस्टल बैलेट में भी कांग्रेस के अजय टंडन ने भाजपा उम्मीदवार से बढ़त बनाई।
स्ट्रांग रूम में प्रेक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और तमाम निर्वाचन संबंधित अधिकारी, प्रत्याशी और उनके एजेंट मौजूद हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग की गई। पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान के निर्देशन में पुलिस व्यवस्था तैनात है। मतगणना स्थल पर हाथ धोने की व्यवस्था भी रखी गई है।
इस विधानसभा सीट पर 17 अप्रैल को उपचुनाव हुए थे। इसमें कुल 59.81% मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया था। कोरोना काल में हुए इस उपचुनाव में 2018 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले करीब 15% कम मतदान हुआ। दो लाख 39 हजार 808 मतदाता इस क्षेत्र में हैं।
उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार के दौरान पूरी ताकत झोंक दी थी। बीजेपी की ओर से सीएम शिवराज सिंह चौहान चार बार दमोह में आम सभा संबोधित करने पहुंचे थे। साथ ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित कई कैबिनेट मंत्री और विधायक-सांसद भी चुनाव प्रचार के लिए दमोह आए थे। इसी तरह कांग्रेस की तरफ से भी पूर्व सीएम कमलनाथ तीन बार दमोह आए। कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी प्रचार करने पहुंचे थे। कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनकी बेटी मैदान में प्रचार करने उतरी थीं।
मतगणना में शामिल होने वाले 4 सौ से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों ने कोविड की जांच होना थी। तकरीबन 210 सदस्य ही जांच कराने के लिए पहुंचे, जिनमें से 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मतगणना में 375 से ज्यादा लोगों की ड्यूटी स्पष्ट तौर पर लगाई गई है, बाकी के लिए रिजर्व में रखा गया है। आयोग की ओर से जो गाइड लाइन जारी गई थी, उसमें उल्लेख किया गया था कि मतगणना स्थल में प्रवेश करने वालों को पहले कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट या फिर दो टीके लगने का प्रमाण पत्र दिखाना होगा।
2018 में बीजेपी प्रत्याशी जयंत मलैया बहुत कम अंतर से हारे थे। पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को 2018 के विधानसभा चुनाव में 78 हजार 199 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के राहुल सिंह लोधी को 78 हजार 997 वोट मिले थे। वहीं, 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से जयंत मलैया को जीत मिली थी, लेकिन यह जीत महज 5000 वोट से ही मिली थी। इसी तरह, 2008 के विधानसभा चुनाव में भी जयंत मलैया मात्र 130 वोटों से ही जीते थे।
कांग्रेस उम्मीदवार अजय टंडन इस सीट पर चुनाव हार चुके हैं। वे वर्ष 1998 और 2003 में कांग्रेस उम्मीदवार थे, लेकिन दोनों बार उन्हें जयंत मलैया ने हराया था। टंडन के पिता चंद्र नारायण टंडन इस सीट से विधायक रह चुके हैं। वे 1980 में इस सीट से चुनाव जीते थे।
