चीन-पाक पर भारतीय नीति का अमेरिका ने माना लोहा
वाशिंगटन
अमेरिका के शीर्ष खुफिया एजेंसी ने कहा है कि भारत ने पिछले साल ठोस विदेश नीति अपनाते हुए हिंद महासागर में सुरक्षा बढ़ाई है और आक्रामक अंदाज में दिख रहे चीन के साथ ही पाकिस्तान के प्रति भी अपना रुख और सख्त कर लिया है।
डिफेंस इंटैलिजेंस एजेंसी के निदेशक स्कॉट बेरियर ने वैश्विक चुनौतियों पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सीनेट की सशस्त्र सैन्य समिति से कहा, कोरोना के शुरुआती दौर में भारत ने पूरे दक्षिण एशिया, अफ्रीका व पश्चिम एशिया, अफ्रीका व पश्चिम एशिया के देशों को चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने और विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने में खास भूमिका निभाई।
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की ओर से अपने क्षेत्र में अतिक्रमण की कोशिश के मसले के साथ कठोरता से निपटा। जून में गलवां घाटी में भारतीय-चीनी सैनिकों की झड़प के बाद भारत ने 40 हजार अतिरिक्त सैनिक, तोप, टैंक व विमान तैनात किए। विवादित क्षेत्र पर कब्जा किया।
दूसरी तरफ चीनी पोतों के जवाब में अदन की खाड़ी में अपने युद्ध पोत भेजे। उधर चीनी मोबाइल एप, व कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर आर्थिक मोर्चा खोले रखा। बेरियर ने बताया, पाकिस्तान को लेकर भी भारत रियायत के मूड में नहीं है।
