NLIU : प्रोजेक्ट और केश स्टडी के माध्यम से होगी परीक्षा, विद्यार्थी इंटरनेट से चोरी करते है तो होंगे फेल
भोपाल
राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) अपनी परीक्षाएं प्रोजेक्ट और केश स्टडी के माध्यम से लेगा। इसमें विद्यार्थियों से आठ प्रोजेक्ट और उससे जुडे केस स्टडी देना होगी। विद्यार्थी प्रोजेक्ट की इंटरनेट से चोरी करते हैं, तो उन्हें फेल किया जाएगा। विद्यार्थी दस फीसदी रिफ्रेंस के लिए इंटरनेट की मदद ले सकेंगे।
एनएलआईयू ने अपने तरीके से परीक्षाएं लेना शुरू कर दिया है। बीएएलएलबी व एलएलएम के प्रथम, द्वितीय तृतीय और चतुर्थ वर्ष के सभी सेमेस्टर की परीक्षाएं ली जा रही हैं। विद्यार्थियों का अपने सब्जेक्ट के आधार पर आठ प्रोजेक्ट जमा करना हैं, जिसमें से अभी तक चार-चार प्रोजेक्ट जमा हो चुके हैं। इसके साथ उन्हें अपने प्रोजेक्ट से जुड़े सब्जेक्ट की केस स्टडी भी देनी होगी। प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों की नकल रोकने के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसमें करीब चार लाख प्रोजेक्ट इंटरनेट से जुड़े हुए हैं।
विद्यार्थी जब अपने प्रोजेक्ट जमा करेगा तब एनएलआईयू उन प्रोजेक्ट का मिलान अपने सॉफ्टवेयर से करेगा। इसमें स्पष्ट हो जाएगा कि विद्यार्थी ने प्रोजेक्ट में कितनी नकल की है। यहां तक उसने ये प्रोजेक्ट कहां से कापी कर तैयार किया है। इसमें यदि विद्यार्थी दस फीसदी हिस्सा रिफ्रेंस के लिए लेता है, तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इससे ज्यादा हिस्सा मिलना के दौरान मिलता है, तो उसके खिलाफ यूएफएम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एनएलआईयू ने स्पष्ट किया है विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। वे अपनी समय अवधि में सभी प्रोजेक्ट, केस स्टडी और वायवा में शामिल नहीं होते हैं, तो उन्हें दोबारा में परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं दिया जाएगा। उन्हें अनुपस्थित समझकर फेल किया जाएगा।
बीएएलएलबी में प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के चार-चार प्रोजेक्ट जमा हो गए हैं। 25 मई तक शेष चार-चार प्रोजेक्ट किए जाएंगे। इसी तरह तृतीय और चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों को सात-सात प्रोजेक्ट और जमा करने होंगे। वे पूर्व में एक-एक प्रोजेक्ट जमा कर चुके हैं। इसलिए उन्हें शेष सात प्रोजेक्ट जमा करने के लिए सात मई तक का अतिरिक्त समय दिया गया है। इसके बाद उनका वीडियो कॉन्फ्रेंस से सिर्फ एक वायवा होगा। प्रोजेक्ट, केस स्टडी और वायवा के अंक समाहित कर विद्यार्थियों के फाइनल रिजल्ट तैयार होंगे।
